अंतरराष्ट्रीय

ब्रिटिश सियासत में एपस्टीन केस से मचा बवाल, क्या सबाना महमूद को मिलेगा PM बनने का चांस?

डेस्क: ब्रिटेन की राजनीति में हलचल देखने को मिल रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिटेन की कीर स्टार्मर सरकार सियासी संकट से जूझ रही है. कल रविवार 8 फरवरी को ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने रिजाइन कर दिया. अब ऐसी सियासी चर्चाएं भी हैं कि पीएम स्टार्मर भी इस्तीफा दे सकते हैं.

दरअसल, इस इस्तीफे की वजह यूएस का यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन फाइल्स केस है. अपने इस्तीफे में मैकस्वीनी ने यह स्वीकारा कि उहोंने मेंडेलसन को इस अहम पद के लिए सेलेक्ट करके बड़ी गलती की थी. मामले पर मैकस्वीनी ने कहा कि पीटर मेंडेलसन ने हमारी पार्टी को, देश में विश्वास को नुकसान पहुंचाया है. फिर क्या था, ब्रिटेन में कई तरह की बातें होने लगीं. इसके बाद से स्टार्मर के पद से इस्तीफा की बातें शुरू हो गईं. हालांकि, अब सवाल यह उठता है कि अगर स्टार्मर पद से हटते हैं तो उनकी जगह नया पीएम कौन होगा?

वर्तमान पर एक नजर

ब्रिटेन में वर्तमान सरकार की बात करें तो यह लेबर पार्टी की है. इस पार्टी को हाउस ऑफ कॉमन्स में 650 में से 404 सीटें मिली थीं. कुछ रिपोर्ट्स में इस तरह का दावा किया जा रहा था कि लेबर पार्टी के ज्यादातर सांसद पीएम कीर स्टार्मर से नाराज हैं. यदि सांसद उनके विरोध में जाते हैं, तो सरकार अल्पमत में चली जाएगी. फिर स्टार्मर को इस्तीफा देना पड़ सकता है. हालांकि, पीएम ऑफिस की तरफ से इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई.

एप्सटीन फाइल्स से मचा बवाल

इस टाइम अमेरिका में एप्सटीन फाइल्स पर एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं. दस्तावेजों में पता चला था कि मेंडलसन, उस जेफरी एप्सटीन के संपर्क में थे. जब इस बारे में उन्होंने इंकार किया तो ब्रिटिश पुलिस ने मामले से जुड़े ई मेल्स की जांच की. इसमें संकेत मिले हैं कि साल 2008 के बैंकिंग संकट के बाद मेंडेलसन का एप्सटीन से संपर्क हुआ था.

स्टार्मर के ऑप्शन के तौर पर कौन? 

अब इस मामले के बीच यह सवाल खड़ा होता है कि अगर कीर स्टार्मर अपने पद से रिजाइन करते हैं, तो उनकी जगह कौन लेगा? इस कंडीशन में शबाना महमूद को एक ताकतवर दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है. यदि शबाना महमूद ब्रिटिश की नई प्रधानमंत्री बनती हैं, तो ब्रिटिश के इतिहास में यह पहली बार मौका होगा, जब किसी मुस्लिम महिला को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा. ऐसा बताया जाता है कि महमूद ने कभी भी अपनी राजनीति को पहचान के तौर पर आस-पास नहीं रखा है.

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