डेस्क: इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद में हुए एक संदिग्ध आत्मघाती हमले में कई लोगों मौत के लिए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान को निशाने लिया है। उन्होंने कहा कि इस घातक धमाके में शामिल हमलावर अफगानिस्तान गया था और सीमा पार आतंकवादी संबंधों का हवाला देते हुए कड़ा जवाब देने की बात कही।
पाकिस्तान की ओर से किए गए इस दावे पर तालिबान की तरफ से करार जवाब दिया गया है। तालिबान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वारजमी ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारी बार-बार अफगानिस्तान को सुरक्षा घटनाओं के लिए दोषी ठहराते रहे हैं, जिनमें बलोचिस्तान में पहले हुए हमले भी शामिल हैं। हालांकि उन्होंने विश्वसनीय प्रमाण नहीं पेश किए।
तालिबान बोला- हमलों के कनेक्शन तुरंत कैसे पता चले..
ख्वारजमी ने सवाल उठाया कि पाकिस्तानी अधिकारियों को ऐसे हमलों के बाद कथित बाहरी कनेक्शन तुरंत कैसे पता चल जाते हैं, जबकि वे उन्हें पहले रोकने में असफल रहते हैं। उनका कहना था कि इस तरह के आरोप पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों को छिपा नहीं सकते। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि अफगानिस्तान के अधिकारी नागरिकों पर हमलों का समर्थन नहीं करते। निर्दोष लोगों के खिलाफ हिंसा को इस्लाम और मानवतावादी सिद्धांतों के तहत अस्वीकार्य मानते हैं। प्रवक्ता ने पाकिस्तानी अधिकारियों से अपील की कि वे जिम्मेदारी डालने के बजाय रचनात्मक क्षेत्रीय सहयोग और पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारने पर
पाकिस्तान में सुरक्षा कड़ी
आपको बता दें कि इस्लामाबाद में शुक्रवार की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती बम धमाके हुए, जिसमें कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। इसके बाद पाकिस्तान ने देशभर में सुरक्षा कड़ी कर दी और जांच जारी है। दावा किया गया है कि इस हमले में कम से कम 31 लोग मारे गए और 169 घायल हुए। पाकिस्तान के ‘डॉन’ अखबार के मुताबिक यह धमाका इस्लामाबाद के तरलाई क्षेत्र में स्थित इमामबर्गाह खदीजा-तुल-कुब्रा में हुआ।
