
दरभंगा। शुक्रवार को जी.एम. रोड स्थित होटल सितायन के सभागार में अखिल भारतीय मिथिला संघ, दरभंगा के अध्यक्ष, विनय कुमार झा ऊर्फ संतोष झा एवं ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन के दरभंगा जिलाध्यक्ष, पप्पू चौधरी के संयुक्त तत्वावधान मे हुई बैठक में चंद्रशेखर झा ऊर्फ बूढ़ा भाई,ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन के युवा अध्यक्ष सह वरिष्ठ छात्र नेता, दीपक झा, अखिल भारतीय मिथिला संघ, दरभंगा के प्रवक्ता, रौशन कुमार झा आदि बैठक में मौजूद रहे। बैठक में यूजीसी के द्वारा उच्च शैक्षणिक संस्थानों में लाए गए कानून के विरुद्ध स्वर्ण समाज की ओर से लगातार, मशाल जुलुस, प्रदर्शन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करा रहे है। यूजीसी कानून पर न्यायालय में अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। यूजीसी कानून वापस लेने की मांग को लेकर एक विशेष बैठक हुई। बैठक के बाद मिडिया मे बयान जारी करते हुए सबसे पहले सभी लोगों ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा तत्काल इस नियम को लागू करने पर रोक लगाया गया। जिसके लिए माननीय न्यायालय के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। अखिल भारतीय मिथिला संघ के अध्यक्ष विनय कुमार झा ऊर्फ संतोष झा ने कहा सरकार समान्य वर्ग के साथ भेदभाव कर रही है। अगर यूजीसी कानून में न्याय नहीं किया गया और समानता के आधार पर सवर्ण समाज के पक्ष में निर्णय नहीं आया तो हमलोग व्यापक रूप से विरोध करेंगे। अब यूजीजी कानून के आने के बाद मोदी सरकार के प्रति हमलोगों की भावना बदली है हम लोगों ने तन मन धन से केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार को बनाने का काम किया। लेकिन यह हम सवर्णों के साथ भेदभाव कर रही है अब हम लोगों को इससे बेहतर सरकार चुनना पड़ेगा। ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन जिलाध्यक्ष, पप्पू चौधरी ने कहा यूजीसी के द्वारा लाया गया काला कानून को लेकर हम सवर्ण समाज के विरोध के बाद तत्काल सुप्रीम कोर्ट के द्वारा रोक लगाने के निर्णय के बाद आंदोलन को शिथिल किया गया हैं। पर अभिलम्ब अगर यूजीसी कानून को वापस नहीं लेती है तो हमलोग और व्यापक आंदोलन करेंगे। क्योंकि अभी तक सरकार के द्वारा कोई बयान नहीं आना सवर्ण समाज के साथ भेदभाव और दोहरी नीति का परिचय दिया है। हम चाहते हैं कानून का राज हो, सभी को समान अवसर मिले, समानता का कानून स्थापित हो। ब्राह्मण फेडरेशन के युवा अध्यक्ष सह वरिष्ट छात्र युवा नेता दीपक झा ने कहा यूजीसी महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय में छात्रों के बिच असमानता को बढ़ावा देने वाली नियम कानून लेकर आए हैं जों शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव की भावना को बढ़ावा देगी। छात्रों के बिच भाईचारा कों खत्म करने वाली कानून हैं भारत के सभी नागरिकों को संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों में एक महत्वपूर्ण अधिकार समानता के अधिकार से समान्य वर्ग के छात्रों को बंचित करना हैं। आरोप गलत सिद्ध होने पर आरोपी के लिए दण्ड का कोई प्रावधान नहीं है।
चंद्रशेखर झा उर्फ बुढा भाई ने कहा भारत सरकार के द्वारा जो यूजीसी कानून लाई गई है जिससे हमारे स्वर्ण छात्रों के साथ भेदभाव की भावना उत्पन्न करता है। लगातार हम लोग अपना विरोध प्रदर्शन मसाल जुलूस और अन्य माध्यम से कर रहे हैं। अखिल भारतीय मिथिला संघ, दरभंगा एवं ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन की संयुक्त बैठक की गई।