पुणे: मिथिला समाज संस्था के तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मिथिला महोत्सव पुणे में सांस्कृतिक गरिमा, सामाजिक एकता और उत्साह के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। महोत्सव की शुरुआत 23 जनवरी को सरस्वती पूजा से हुई, जबकि 24 जनवरी को आयोजित मुख्य समारोह में बड़ी संख्या में मिथिलावासियों और कला-संस्कृति प्रेमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति नीलम ताई गोर्हे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जिन्होंने मैथिली भाषा में संबोधन कर मराठी-मैथिली सांस्कृतिक सौहार्द को मजबूती देने की बात कही। विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार विधान परिषद सदस्य घनश्याम ठाकुर तथा वरिष्ठ समाजसेवी मुरारी मोहन झा उपस्थित रहे।
इसके अलावा कार्यक्रम में पुणे आयकर आयुक्त श्री राकेश झा, पुणे जॉइंट सीपी श्री रंजन शर्मा, श्री राहुल महिवाल (प्रबंध निदेशक, महाराष्ट्र राज्य कृषि विभाग), श्री सतीश चंद्र (सेवानिवृत्त भविष्य निधि आयुक्त), विश्व श्रीराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लालबाबू गुप्ता सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
साथ ही दक्षरजी महिला गट की संस्थापक श्रीमती सुजाता ताई सातव, अभिनव झा, सुधांशु झा, WACO Welfare के संस्थापक श्री अनिल कुमार मिश्रा, अंतरराष्ट्रीय अतिथि श्री अजय झा, श्रीमती चंचला राज, कर्ण गोष्ठी की प्रवक्ता श्रीमती सुनीता कर्ण सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मधुर मैथिली के निर्माता संग मिथिला के प्रसिद्ध निर्देशक-कलाकार विकाश झा एवं रौशनी झा साथ ही मिथिला रत्न कुंज बिहारी की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महोत्सव की सफलता में मिथिला समाज संस्था की अध्यक्षा श्रीमती संगीता पवन चौधरी के नेतृत्व में उपाध्यक्ष श्री जटाशंकर चौधरी, सचिव श्री ऋषि झा, पवन चौधरी
एवं समस्त कार्यकारिणी और स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा, जिनके अथक प्रयासों से यह आयोजन ऐतिहासिक बन सका।
आशुतोष झा
