डेस्क: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरों में मंगलवार (20 जनवरी) को गिरावट देखने को मिली। तेल से लेकर रिटेल सेक्टर में करने वाली कंपनी के शेयर बीएसई पर 1.4 प्रतिशत गिरकर 1391 रुपये पर बंद हुए। यह सेंसेक्स के सबसे ज्यादा गिरावट में रहने वाले शेयरों में शामिल रहा और इंडेक्स के सबसे बड़े नेगेटिव कंट्रीब्यूटर में से एक रहा। शेयर में जारी उतार-चढ़ाव के बीच ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर बुलिश आउटलुक दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि जियो की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार में तेजी से कंपनी के प्रदर्शन को सपोर्ट मिलेगा।
Reliance Industries Share पर टारगेट प्राइस: ₹1,800
सीएलएसए ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर ‘BUY‘ की रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1800 रुपये कर दिया है। इस तरह, मौजूदा भाव से करीब 30 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर मंगलवार को 1393 रुपये पर बंद हुए।
ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जियो की लिस्टिंग साल 2026 के मध्य तक हो सकती है और यह इस साल कंपनी के लिए एक अहम घटना साबित हो सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मार्च 2027 तक रिलायंस के दूरसंचार कारोबार जियो का एंटरप्राइज वैल्यू करीब 161 अरब डॉलर आंका गया है। वहीं मार्च 2028 तक यह बढ़कर 190 अरब डॉलर हो सकता है। यह वैल्यूएशन वैश्विक कंपनियों की तुलना में 15 प्रतिशत प्रीमियम पर किया गया है, जिसमें फ्री कैश फ्लो को मुख्य आधार माना गया है।
हालांकि ब्रोकरेज ने नए एनर्जी बिजनेस के लिए अपने मल्टिपल घटा दिए हैं। साथ ही रिटेल कारोबार के वैल्यूएशन में भी कटौती की गई है, जिसे दो साल पहले हुई हिस्सेदारी बिक्री के इक्विटी मूल्य से करीब 10 प्रतिशत कम माना गया है। ब्रोकरेज का कहना है कि क्विक कॉमर्स, एफएमसीजी और मीडिया कारोबार में संभावित बढ़त से भी कंपनी को आगे चलकर अतिरिक्त मूल्य मिल सकता है।
कैसे रहे RIL के Q3 नतीजे?
रिलायंस इंडस्ट्रीज का अक्टूबर-दिसंबर अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 18,645 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 18,540 करोड़ रुपये था। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसका ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 2.69 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो अक्टूबर-दिसंबर 2024 में 2.43 लाख करोड़ रुपये था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल इकाई JIO प्लेटफॉर्म्स ने दिसंबर तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि बीते साल की समान तिमाही के मुकाबले उसका कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 11.3 फीसदी बढ़कर 7,629 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस बढ़ोतरी के पीछे सब्सक्राइबर बेस में विस्तार, एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर (ARPU) में सुधार और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते पैमाने की अहम भूमिका रही।
