डेस्क: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में एक बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार मेडल दिया है. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि ट्रंप मेडल अपने पास रखना चाहते हैं.
ट्रंप ने क्या कहा
गुरुवार शाम को एक सोशल मीडिया पोस्ट में, ट्रंप ने लिखा, मारिया ने मुझे मेरे काम के लिए अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया. आपसी सम्मान का कितना शानदार इशारा. धन्यवाद मारिया.वहीं मारिया कोरिना मचाडो ने कहा कि वह इस बात पर कुछ प्रभाव डालना चाहती हैं कि राष्ट्रपति दक्षिण अमेरिकी देश के राजनीतिक भविष्य को कैसे आकार देते हैं.
डेल्सी रोड्रिग्ज को बताया चालाक
डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी ने भी मचाडो से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता ने सीनेटरों से कहा था कि वेनेजुएला में दमन अब मादुरो के शासन से अलग नहीं है. वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज एक “चालाक ऑपरेटर” हैं जो ट्रंप के समर्थन के कारण दिन-ब-दिन और मजबूत होती जा रही हैं. मर्फी ने कहा, मुझे उम्मीद है कि चुनाव होंगे, लेकिन मुझे संदेह है.
वेनेजुएला में क्या है ट्रंप की रणनीति
ट्रंप ने कहा है कि वह वेनेजुएला के तेल तक अमेरिका की पहुंच सुनिश्चित करने और वेनेजुएला का आर्थिक रूप से पुनर्निर्माण करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. ट्रंप ने कई मौकों पर रोड्रिग्ज की तारीफ की है. बुधवार को रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “उनके साथ काम करना बहुत अच्छा रहा है.
ट्रंप लंबे समय से मांग रहे थे नोबेल
ट्रंप दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही नोबेल शांति पुरस्कार की मांग कर रहे हैं. पाकिस्तान, इजरायल समेत कई देशों ने इसका समर्थन भी किया है. ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम समेत दुनिया भर में आठ बड़े युद्ध रुकवाए हैं. इसलिए नोबेल का शांति पुरस्कार उन्हें मिलना चाहिए. हालांकि नोबेल कमेटी ने ट्रंप के दावों को गंभीरता से नहीं लिया. वहीं नोबेल शांति पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को दिया गया क्योंकि वह लंबे समय से वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाली के लिए संघर्ष कर रही हैं.
