डेस्क :केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की व्यापक समीक्षा की है। इस दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि आतंकवादी ढांचे और आतंकवाद के वित्तपोषण को निशाना बनाने वाले अभियान मिशन मोड में बिना रुके जारी रहने चाहिए। उनका साफ संदेश था कि अब आधे अधूरे प्रयासों की कोई गुंजाइश नहीं है और जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द आतंकवाद मुक्त बनाने के लक्ष्य के लिए हर संसाधन झोंक दिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और आपसी तालमेल के साथ काम करते रहने का निर्देश दिया ताकि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जो उपलब्धियां हासिल हुई हैं वे कमजोर न पड़ें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में किसी भी स्तर पर संसाधनों की कमी नहीं आने देगी और जरूरत पड़ी तो और कड़े कदम उठाए जाएंगे। हम आपको बता दें कि इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो के निदेशक, केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुख और अन्य उच्चाधिकारी भी बैठक का हिस्सा थे।
