राष्ट्रीय

मैं खुद वकील हूं…SIR मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC, ममता बनर्जी खुद कर सकती हैं केस की पैरवी

डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण लोगों को हो रही “परेशानी” के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती हैं, क्योंकि उन्होंने महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग के साथ अपना टकराव और तेज कर दिया है। बनर्जी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हम कानूनी सहायता ले रहे हैं। बहुत से लोग मारे गए हैं। लोगों को परेशान किया जा रहा है। कल जब अदालतें खुलेंगी, तो हम इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। जरूरत पड़ने पर मैं सुप्रीम कोर्ट में खुद पैरवी करने की अनुमति मांगूंगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से जुड़े भय, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण कई लोगों की मौत हुई है और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। उन्होंने कहा कि हम एसआईआर के कारण हुए अमानवीय व्यवहार और इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के खिलाफ अदालत में कल (मंगलवार को) याचिका दायर करेंगे। यदि अनुमति मिली तो मै भी उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर एक आम नागरिक के रूप में इस अमानवीय प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाऊंगी। मैं एक प्रशिक्षित वकील भी हूं। हालांकि, बनर्जी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि याचिका वह दायर करेंगी।

बनर्जी ने आरोप लगाया कि बिना वैध कारणों के मतदाता सूची से नामें को मनमाने ढंग से हटाया जा रहा है, जिससे विधानसभा चुनावों से पहले एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया डर पैदा करने वाली प्रक्रिया बन गई है। उन्होंने दावा किया कि गंभीर रोग से ग्रसित लोगों और बुजुर्गों को यह साबित करने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने के लिए मजबूर किया जा रहा कि वे वैध मतदाता हैं। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि अगर कोई बीजेपी नेता ओं के बूढ़े माता-पिता को पहचान साबित करने के लिए लाइन में खड़ा कर दे तो उन्हें कैसा लगेगा ? जब से SIR शुरू हुआ है, डर से कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य अस्पताल में भर्ती हैं। बनर्जी ने बीजेपी शासित राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *