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दिल्ली उच्च न्यायालय ने आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की

डेस्क :दिल्ली उच्च न्यायालय ने मशहूर अभिनेता एवं आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए कई वेबसाइट और ऑनलाइन मंचों को उनकी अनुमति के बिना व्यावसायिक लाभ के लिए उनके नाम या तस्वीरों का इस्तेमाल करने से रोक दिया है।कल्याण द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने अगली सुनवाई की तारीख तक कई प्रतिवादियों -अज्ञात व्यक्तियों और कई ई-कॉमर्स वेबसाइट समेत 14 संस्थाओं – को कृत्रिम मेधा (एसआई) और ‘डीपफेक’ तकनीक का उपयोग करके कल्याण के व्यक्तित्व विशेषताओं का इस्तेमाल करने से रोक दिया।

अदालत ने 22 दिसंबर के आदेश में कहा, ‘‘सुविधाओं का संतुलन वादी (कल्याण) के पक्ष में है और उल्लंघनकारी सामग्री की निरंतर उपलब्धता से उसे अपूरणीय क्षति होगी।’’

अदालत ने इस बात पर गौर किया कि कल्याण एक जाने-माने व्यक्ति और आंध्र प्रदेश के सेवारत उपमुख्यमंत्री हैं और उनकी तस्वीरों, आवाज, नाम और छवि का इस्तेमाल प्रतिवादी संस्थाओं द्वारा उनकी सहमति के बिना व्यावसायिक लाभ के लिए माल बेचने के लिए किया जा रहा था। इसने कहा कि ये संस्थाएं उनकी सहमति के बिना व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए अपनी वेबसाइट पर इस्तेमाल होने वाले एआई सॉफ्टवेयर में उनके व्यक्तित्व के गुणों का उपयोग कर रही थीं।

अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 12 मई तय की। हाल में, फिल्म कलाकार ऐश्वर्या राय बच्चन, उनके पति अभिषेक बच्चन औरअभिनेत्री एवं सांसद जया बच्चन, ऋतिक रोशन और अजय देवगन, फिल्मकार करण जौहर, गायक कुमार सानू, तेलुगु अभिनेता अक्किनेनी नागार्जुन, ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, पत्रकार सुधीर चौधरी और पॉडकास्टर राज शमानी ने भी अपने व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों की सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया है। अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की।

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