डेस्क :केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें उसने 20 नवंबर के अपने उस फैसले को स्थगित कर दिया था जिसमें उसने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा अरावली पहाड़ियों और अरावली पर्वतमाला की परिभाषा को स्वीकार किया था। उन्होंने पर्वतमाला के संरक्षण और पुनर्स्थापन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। एक पोस्ट में भूपेंद्र यादव ने कहा कि मैं अरावली पर्वतमाला से संबंधित अपने आदेश पर रोक लगाने और मुद्दों का अध्ययन करने के लिए एक नई समिति के गठन के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का स्वागत करता हूं। हम अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और पुनर्स्थापन में पर्यावरण, पर्यावरण और सामुदायिक सेवा एवं परिवहन आयोग (एमओईएफसीसी) से मांगी गई हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
