प्रादेशिक बिहार

पटना : मैथिली अकादमी में नियुक्ति और द्वितीय राज्यभाषा की मांग, जनप्रतिनिधियों को सौंपा ज्ञापन

पटना (निशांत झा)। मैथिली भाषा और मिथिला की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर वैदेही सम्मान समारोह की अध्यक्ष अनुपम झा ने एक बार फिर जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट किया है। पटना के विद्यापति भवन में 21 दिसंबर को आयोजित वैदेही सम्मान समारोह के दौरान संस्था ने मैथिली अकादमी में अध्यक्ष, निदेशक और नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति, स्वतंत्र कार्यालय की व्यवस्था और मैथिली भाषा को बिहार की द्वितीय राज्यभाषा का दर्जा देने की माँग की।

अनुपम मुहिम क अनुपम डेग संस्था के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मिथिला क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम के समापन के बाद संस्था की संस्थापिका अनुपम झा ने मंत्री, सांसद और विधायकों को अनुरोध पत्र सौंपते हुए कहा कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल होने के बावजूद मैथिली अकादमी आज भी उपेक्षा का शिकार है, जिससे भाषा और साहित्य के संरक्षण का कार्य प्रभावित हो रहा है।

अनुरोध पत्र को ग्रहण करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं दरभंगा नगर विधायक संजय सरावगी ने कहा कि उनकी सरकार में मैथिली अकादमी पर कभी ताला नहीं लग सकता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार मिथिला और मैथिली के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है और पत्र में उठाए गए विषयों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि मिथिला और मैथिली से जुड़े विषयों पर सरकार पहले से काम कर रही है और अकादमी से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी जल्द किया जाएगा।

दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने मैथिली को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कर ऐतिहासिक सम्मान दिया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रपति के हाथों मैथिली भाषा में संविधान का विमोचन हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार से समन्वय स्थापित कर इस दिशा में ठोस पहल की जाएगी।

वहीं दरभंगा ग्रामीण विधायक ईश्वर मंडल और राजनगर विधायक सुजीत पासवान ने कहा कि संस्था के अनुरोध पत्र को वे स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंपेंगे और इस पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह करेंगे।

अनुपम मुहिम क अनुपम डेग की इस पहल पर मिथिला क्षेत्र के लोगों ने संतोष जताया है और उम्मीद व्यक्त की है कि सरकार जल्द ही मैथिली अकादमी और भाषा से जुड़ी माँगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।

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