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BSF पूर्वी सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठा रही है।

भारत (India) और शेख हसीना (Sheikh Hasina) विरोधी बांग्लादेशी नेता उस्मान हादी (Osman Hadi) की हत्या और हिंदुओं पर मुस्लिम कट्टरपंथियों (Muslim fundamentalists) द्वारा टारगेट अटैक करने के बाद से भारत-बांग्लादेश में टेंशन चरण पर है।बांग्लादेश में कट्टरपंथी लगातार भारत विरोधी एजेंडा चला रहे हैं। बांग्लादेश के कट्टरपंथी नेता लगातार भारत को चिकेन नेक से काटने की धमकी दे रहे हैं। दोनों देशों के टेंशन के बीच बड़ी खबर सामने आई है। बांग्लादेश चिकन नेक-चिकन नेक (Chicken Neck) करता रहा। वहीं उधर भारत ने मिजोरम में बड़ा खेला कर दिया है।

दरअसल भारतीय सेना मिजोरम में भारत-बांग्लादेश सीमा पर चौथा सैन्य अड्डा स्थापित कर रही है। इसका मुख्य लक्ष्य सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा मजबूत करना और पूर्वोत्तर भारत की चौकसी बढ़ाना है।

भारतीय सेना भारत-बांग्लादेश सीमा के पास मिजोरम में चौथा सैन्य अड्डा स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इसका मकसद सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) की सुरक्षा को और मजबूत करना है। यह करीब 22 किलोमीटर चौड़ा इलाका भारत के मुख्य भूभाग को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाली जीवनरेखा माना जाता है। इससे पहले सेना पश्चिम बंगाल, बिहार और असम में तीन नए सैन्य अड्डे स्थापित कर चुकी है। जिससे सिलीगुड़ी कॉरिडोर के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। बंग्लादेश में कई भारत विरोधी ताकतें चिकेन नेक के साथ छेड़ करने की धमकी देती रहती है, ऐसा में यहां सुरक्षा मजबूत होना जरूरी है।

पूर्वी सीमा को मजबूत करने BSF की खास तैयारी

इसी के साथ सीमा सुरक्षा बल (BSF) भी पूर्वी सीमा पर बड़े स्तर पर तैयारी कर रहा है। BSF 85 बॉर्डर आउट पोस्ट्स को आधुनिक कंपोजिट हब में अपग्रेड कर रहा है। इसके अलावा अगले पांच सालों में मिजोरम और कछार सेक्टर में 100 से ज्यादा बंकर, ब्लास्ट-प्रूफ शेल्टर और अन्य रक्षा ढांचे बनाए जाएंगे, ताकि राज्य और गैर-राज्य खतरों से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। सेना और BSF की इन संयुक्त तैयारियों को पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे सिलीगुड़ी कॉरिडोर और सीमावर्ती इलाकों में भारत की पकड़ और मजबूत होगी।

क्यों लिया गया यह फैसला

नवंबर 2025 की रक्षा रिपोर्टों के मुताबिक, बांग्लादेश और चीन की ओर से संभावित चुनौतियों को देखते हुए ही यह फैसले लिए गए हैं। खासतौर पर शेख हसीना के बाद बदले क्षेत्रीय हालात के बीच इस इलाके की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। इसके साथ ही, बांग्लादेश सीमा के पास मिजोरम में एक चौथे सैन्य अड्डे की योजना पर भी विचार चल रहा है। इस प्रस्ताव की समीक्षा 17 माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स कर रही है। इसका मकसद सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और त्वरित जवाबी कार्रवाई की क्षमता बढ़ाना है।

 

 

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