
वर्षों से नगर निगम की जमीन पर अतिक्रमण को भारी पुलिस बल के साथ खाली कराया गया। अतिक्रमणकारी में निगम के पूर्व पार्षद मो. जुबैर सहित दो लोगों ने निगम के8 जमीन पर अतिक्रमण कर लिया था।
इस संदर्भ में अम्बेडकर कॉलोनी, वार्ड 21 की तीन दर्जन लोगों ने मार्च 2025 में संयुक्त रूप से इस जमीन पर अतिक्रमण होने की शिकायत की थी। लेकिन निगम इसपर कारवाई करता रहा और अतिक्रमण का दायरा बढ़ता रहा। देखते देखते इसपर पक्का निर्माण भी होने लगा और एक सप्ताह पहले इसमें लोहे का गेट, ग्रिल भी लग गया।
निगम के अनुसार यह भूमि दरभंगा नगर निगम की 5 कट्ठा 10 धुर की है, जो ट्रस्ट प्लॉट है और इसमें आजादी से पूर्व सफाईकर्मियों का क्वार्टर है जिसमें तत्कालीन सफाई व्यवस्था हेतु जानवर ठेला, गाड़ी और उसकी देखरेख के लिए करनी क्वार्टर में रहते थे। अभी भी इसमें महादलित समुदाय के तीन दर्जन परिवार रह रहे हैं। इस के पश्चिमी भाग में एक सामुदायिक भवन निर्मित है और शौचालय भी पूर्व से निर्मित था।
वर्ष 2008 में तत्कालीन पार्षद मधुबाला सिन्हा की अनुशंसा में इसे आधुनिक शौचालय का रूप देकर दो ओर से रास्ता बनाया गया। वर्ष 2015 में पार्षद श्रीमती सिन्हा की अनुशंसा से इसी भूमि पर सबमर्सिबल गड़वाया गया। लेकिन शेष खाली जमीन को पूर्व पार्षद मो जुबैर के परिवार ने धीरे धीरे कब्जा करना शुरू किया और एक पुराना मकान जो इस जमीन से सटे रैयती भूमि में था को बढ़ा कर जमीन की रजिस्ट्री लाखों रुपया में एक अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया। फिर शेष जमीन पर बांस बल्ला लगा उसे भी कब्जा कर लिया। इस संदर्भ में नगर आयुक्त ने अप्रैल 25 से अगस्त तक चार बार लिखित सूचना देकर संबंधित से जमीन का साक्ष्य मांगा और कब्जा हटाने को कहा। इस पर मो जुबैर ने अपने जवाब में इस कॉलोनी की संपूर्ण भूमि को अपना बता निगम को ही खाली करा भूमि सौंपने का पत्र दे डाला।
इसके उपरांत नगर आयुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी, सदर को इसे खाली कराने हेतु दंडाधिकारी नियुक्त हेतु लिखा। पहले इसे 23 अक्टूबर 25 को ही पूरी टीम खाली कराने पहुंची, लेकिन अतिक्रमणकारियों ने हंगामा कर और कोर्ट से रोक का हवाला देकर कागज एक सप्ताह में लाने की बात कह टीम को लौटवाने में सफल रहे। इस संबंध में पीड़ित महादलित परिवार अपना रास्ता, खिड़की इत्यादि बंद से लेकर पानी निकासी तक बंद का आरोप लगाकर पार्षद, विधायक, अधिकारी के यहां दौड़ लगाते रहे। अन्ततः दूसरी कोशिश में आज उक्त अतिक्रमण खाली कराया गया।
सदर एस डी ओ, विकास कुमार के नेतृत्व में सदर सी ओ एवं सिटी मैनेजर व धाबा दल प्रभारी व बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी से अतिक्रमित जगह को खाली कराया गया।
वर्षों से किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन किया। एस डी एम विकास कुमार के नेतृत्व में नगर निगम के कर्मियों और प्रशासनिक टीम ने वार्ड संख्या-21 के अम्बेडकर कॉलोनी (सेनापत) में कार्रवाई करते हुए पूर्व पार्षद मो जुबेर सहित तीन लोगों द्वारा बनाए गए पक्के मकान व सेट को तोड़कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस की जा रही कार्रवाई के दौरान बुलडोजर चलते देख कुछ स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया। हालांकि विरोध के बावजूद प्रशासन नेअपनी कार्रवाई को जारी रखते हुए उक्त जगह को अतिक्रमण से हटाने का कार्य पूरा किया गया।
मौजूद अधिकारियों के अनुसार उक्त जमीन नगर निगम की है, जिस पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। जिन लोगों की संरचना तोड़ी गई है, उनका कहना है के मामला न्यायालय में विचाराधीन है और राजनीति से प्रेरित है। इनलोगों का आरोप वर्तमान पार्षद नवीन सिन्हा पर भी है कि निगम का दर्जनों जमीन पर दबंगों का कब्जा है, जो खाली नहीं हो रहा और इस वार्ड 21 में प्रशासनिक साथ गांठ से यह जमीन वार्ड पार्षद खाली करवा रहे। हालांकि इस सवाल पर पार्षद नवीन सिन्हा का कहना है कानून सर्वोपरि। आगे कुछ नहीं कहना है।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया के नगर निगम और सरकारी भूमि की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना उनकी प्राथमिकता में शामिल है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। नगर निगम धाबा दल के प्रभारी अनील झा ने कहा यह जमीन नगर निगम की है इसे अबैध रूप से कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा गया था। जिसे सदर सीओ और सिटी मैनेजर की उपस्थिति में खाली कराया गया है। इसमें दरभंगा पुलिस का भी पूरा सहयोग हमें मिला जहाँ कही भी अतिक्रमण किया गया है उसे खाली कराया जाएगा।
पिछले एक पखवाड़ा से सड़क और नाला से अतिक्रमण हटाने का सिलसिला जारी है। इस दौरान सरकारी भूमि खाली करने का सिलसिला वार्ड 21 से शुरू हुआ है। प्रशाशन की चेतावनी है कि इस तरह अन्य सरकारी जमीन, जो सड़क और नाला से अलग है, उसे खाली करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गया जिसका नमूना अंबेडकर कॉलोनी ,वार्ड 21 से दिखने लगा।