मामला अभी संज्ञान में नहीं है, जानकारी जुटाई जा रही है, इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी : प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कुंदन कुमार

बिरौल/दरभंगा (राजकुमार झा) : मध्य विद्यालय पटनिया में हाल ही में लागू की गई नई समय-सारणी को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में तीखा विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के पास पर्याप्त भवन और आधारभूत सुविधाएँ मौजूद होने के बावजूद उसे दो पाली में चलाने का निर्णय पूरी तरह अव्यवहारिक और छात्रों के हितों के विपरीत है।

ग्रामवासियों द्वारा प्रशासन को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि मध्य विद्यालय पटनिया के पास 30 कमरों का विशाल भवन, 14 शौचालय और 6 सीढ़ियाँ उपलब्ध हैं। वहीं, परिसर में संचालित सह-संचालित उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास 8 कमरे और प्रिंसिपल का कार्यालय भी मौजूद है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी सुविधाएँ होने के बाद भी विद्यालय प्रधान द्वारा ‘आधारभूत संरचना के अभाव’ का तर्क देकर दो पाली में पढ़ाई कराने का निर्णय असंगत है।
ग्रामीणों ने बताया कि नई समय-सारणी के बाद बच्चे सुबह 8 से 9 बजे के बीच स्कूल पहुँचते हैं, लेकिन सिर्फ दो से तीन पीरियड लेने के बाद 10:30 बजे लंच करा दिया जाता है। इसके बाद 11:15 बजे ही छुट्टी दे दी जाती है। इससे पढ़ाई का अपेक्षित समय पूरा न होने से बच्चों की शिक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने एक और मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि रामनगर पंचायत का रामपुर टोला विद्यालय, वर्तमान में मध्य विद्यालय पटनिया के ही परिसर में संचालित हो रहा है। गाँव वालों की माँग है कि इस विद्यालय को उसके मूल पंचायत में स्थानांतरित किया जाए, ताकि परिसर में भीड़भाड़ कम हो और संचालन बेहतर ढंग से हो सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जाँच कराई जाए और पुरानी समय-सारणी को बहाल किया जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। वह जानकारी जुटा रहे हैं, इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
