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ट्रॉमा एंव लकवा पर हुई जागरूकता कार्यक्रम पर पारस ग्लोबल हॉस्पिटल का अभियान,लगभग 50 मरीजो को किया गया सम्मानित

दरभंगा। पारस ग्लोबल हॉस्पिटल, दरभंगा के न्यूरोसाइंस विभाग की ओर से ट्रॉमा जागरूकता अभियान आयोजित हुई। जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को यह बताना के सड़क दुर्घटना, सिर की चोट, रीढ़ की हड्डी की चोट, छाती में चोट, लकवा या किसी भी प्रकार के ट्रॉमा की स्थिति में समय पर ईलाज कराकर कैसे मरीज की जान बचाई जा सकती हैं। अभियान के दौरान फ्री हेल्थ चेक-अप कैंप का आयोजन किया गया था। जिसमे भाग लेकर लोगों ने अपने अपने स्वास्थ्य की जांच कराया। कार्यक्रम मे खास बात यह रही ट्रॉमा से उबर चुके लगभग 50 मरीजों या उनके परिवार के सदस्यों ने अपने ईलाज के अच्छे अनुभवो को साझा किया। उन्होंने बताया समय पर और ईलाज मिलने से मरीज दोबारा सामान्य जिंदगी जी पा रहे हैं। डॉ. संजीव कुमार कंसल्टेंट न्यूरोसर्जरी एंव डॉ. यासीन कंसल्टेंट न्यूरोलाॅजी ने कार्यक्रम में अपने विचार रखे। पारस ग्लोबल के फैसिलिटी डायरेक्टर मनोज कुमार ने इन सभी मरीजों को सम्मानित किया और पारस ग्लोबल हॉस्पिटल दरभंगा की ट्रॉमा सेवाओं की सराहना किया। पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल, पटना के जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि ट्रॉमा के दौरान गोल्डन आवर, यानी दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, उपचार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में सही अस्पताल तक पहुंचने से गंभीर स्थिति में भी मरीज की जान बचाई जा सकती है आगे अनिल कुमार ने कहा कि किसी भी ट्रॉमा की स्थिति में परिवार को घबराना नहीं चाहिए, बल्कि तुरंत मरीज को अस्पताल ले जाना चाहिए, ताकि डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम समय रहते बेहतर इलाज शुरू कर सके। आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. ज्ञान रंजन, डॉ. बी. के. सिंह, डॉ. संजय कुमार सिंह एंव डॉ. केतन चंद्र नथानी ने भी अपनी बातें रखी। पारस ग्लोबल अस्पताल के बारे में 100 बिस्तरों वाले पारस ग्लोबल दरभंगा में एक ही स्थान पर सभी चिकित्सा सुविधाएं हैं। हमारे पास एक आपातकालीन सुविधाए उच्च योग्य और अनुभवी डॉक्टरों के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र है। पारस कैंसर केयर बिहार में अपनी विशेषज्ञताए बुनियादी ढांचे,व्यापक कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के लिए जाना जाता है।

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