बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब विधानसभा के पहले सत्र की तिथि निर्धारित हो गई है। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार के गठन के बाद राज्य विधानसभा का पहला सत्र अगले महीने 1 दिसंबर से शुरू होगा।यह सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा। सत्र के पहले दिन नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण से होगी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष का चयन, राज्यपाल का अभिभाषण और सरकार से जुड़े वित्तीय व अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा की जाएगी।मिली जानकारी अनुसार सत्र को लेकर महागठबंधन शनिवार को रणनीति तैयार करेगा। सूत्रों के मुताबिक, दोपहर एक बजे एक पोलो रोड स्थित आवास पर राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव की अध्यक्षता में पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक होगी। राजद के सभी 25 जीते हुए विधायक इस बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद कांग्रेस और वामदलों के नव-निर्वाचित विधायक भी एक पोलो रोड पर पहुंचेंगे। जहां संयुक्त बैठक में विपक्ष की रणनीति पर चर्चा होगी।
राजद पहले ही तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष के रूप में चयन कर चुका है। विधानसभा में इसकी औपचारिक अधिसूचना दी जाएगी। महागठबंधन का लक्ष्य सदन में एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने का है। जिसे लेकर शनिवार की बैठक में स्पष्ट रणनीति तय की जाएगी। ज्ञात हो कि, विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राजद की समीक्षा बैठकों का दौर जारी है। शुक्रवार को पूर्णिया प्रमंडल के नेताओं और प्रत्याशियों की बैठक हुई, जिसमें हारे और जीते उम्मीदवारों ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।
मगध और सारण प्रमंडल की तरह पूर्णिया से भी भितरघात करने वालों की सूची मिली है। पिछले तीन दिनों में तीन प्रमंडलों से 300 से अधिक भितरघातियों की सूची प्रदेश नेतृत्व को दी जा चुकी है। बैठक में नेताओं ने महिलाओं को दी गई 10-10 हजार रुपये की राशि और चुनाव में जीविका दीदियों की भूमिका पर भी चर्चा की। शनिवार को कोसी प्रमंडल की समीक्षा बैठक प्रस्तावित है।
