
दरभंगा। सिविल कोर्ट, दरभंगा में तीन न्यायाधीशों ने पांच जघन्य अपराधिक मामलों में 13 आरोपियों की जमानत आवेदन मंगलवार को खारिज किया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश. संतोष कुमार पांडेय की अदालत ने सामूहिक बलात्कार के मामले में संस्थित कमतौल थाना प्राथमिकी संख्या 123/2025 में बड़की लाधा गाँव के हरिशंकर कुमार साह और विजय सहनी की जमानत याचिकयें खारिज की गई है। इसी अदालत द्वारा एक नाबालिग बालिका के अपहरण के आरोप में दर्ज कमतौल थाना प्राथमिकी संख्या 41/2025 में आरोपी मो हैदर, मो रियाज,मो मेराज की जमानत याचिका खारिज की गई है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की कोर्ट ने ज्वेलर्स की दुकान शटर तोड़कर आभुषण चोरी मामले के आरोपी बिरौल निवासी संजीत मुखिया, अजय मुखिया और मदन मुखिया की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दिया है। पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया पतोर थाना क्षेत्र के उघरा स्थित गायत्री मंदिर चौक पर चोरों ने बब्लू साह के सुहागन ज्वेलर्स नामक दुकान का शटर तोड़कर लाखों रुपये के जेवर जेवरात की चोरी कर ली थी। जिसमें उक्त तीनो को आरोपी बनाया गया है। दूसरी ओर अपर सत्र न्यायाधीश नागेश प्रताप सिंह की अदालत ने सिंहवाड़ा थानाकांड सं.271/25 (संगठित वाहन चोरी) के आरोपी मधुबनी जिला के साहरघाट थाना के केरबा निवासी रामवृक्ष यादव का पुत्र दुखी यादव, मुजफ्फरपुर जिला के जजूआर थाना क्षेत्र के अहियापुर के बिहारी राम के पुत्र अवधेश राम की जमानत याचिका खारिज कर दिया। श्री सिंह की कोर्ट ने स्थानीय सफी मुस्लिम हाई स्कूल में आयोजित सीईटी, बीईडी की परीक्षा में सही परीक्षार्थी के बदले परीक्षा देने वाले बिरौल थाना क्षेत्र के कमरकला निवासी मो. इस्लाम का पुत्र मो. तारीक अहमद और फुलपरास थाना के सुट्टा गांव के गुणेश्वर प्रसाद का पुत्र राजन राज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दिया है। अब उक्त दोनों आरोपी को जमानत के लिए निम्न अदालत में आत्मसमर्पण करना पड़ेगा, या पटना हाईकोर्ट की शरण में जाना पड़ेगा। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया जघन्य आपराधिक मामलों में अभियुक्तों को त्वरित जमानत नहीं मिलने से आपराधिक घटनाओं पर विराम लगेगी। इसलिये अभियोजन की ओर से पूरी मुस्तैदी से पक्ष रखा जाता है। इसी का परिणाम है जमानत याचिकाकर्ताओं की याचिकयें खारिज होती है।