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बिहार झारखंड सेल्स रिप्रेजेंटेटीव्स यूनियन ने चार श्रम संहिताओं की अधिसूचना के खिलाफ निकाला विरोध प्रदर्शन

दरभंगा। बिहार झारखंड सेल्स रिप्रेजेंटेटीव्स यूनियन ने चार श्रम संहिताओं की अधिसूचना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर लेबर कोड की प्रतियां जलाई। बिहार झारखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन ने केंद्र सरकार के चारों श्रम संहिताओं, वेज कोड, इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, सोशल सिक्योरिटी कोड और ओ एस एच एवं डब्लू सी कोड के खिलाफ प्रदर्शन कर लेबर कोड की प्रति को दरभंगा जिला समाहरणालय के समीप जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के अखिल भारतीय संगठन एफएमआरएआई के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं बीएसएसआर यूनियन के राज्य सचिव मंडल सदस्य सत्य प्रकाश चौधरी ने कहा की केंद्र सरकार ने श्रमीक बिरोधी लेबर कोड को जबरदस्ती लागू कर दिया है, जबकि देशभर की श्रमिक संगठनों की ओर से लगातार इसका विरोध किया जा रहा था। यह कदम लोकतंत्र पर हमला, श्रमिक अधिकारों का हनन, और नियोक्ता-परस्त नीति है | 29 पुराने श्रम कानून खत्म कर इनके स्थान पर लाई गई चारो लेबर कोड पीढ़ियों से अर्जित “नौकरी की सुरक्षा के मद्देनजर श्रमिकों को उनका पक्ष रखने के कानूनी अधिकार” को कमजोर करती है। चार श्रम संहिताओं से सेल्स प्रमोशन एम्पलाइज ( Medical & Sales Representatives ) के लिए सेल्स प्रमोशन इंप्लाइज एक्ट 1976 (सेवा एवं शर्तों )के कानून को खत्म कर देगा जिसका लाभ नियोक्ताओं को मिलेगा और कॉर्पोरेट के लोग इसका फायदा उठाकर दबा उद्योग में कार्यरत सेल्स प्रमोशन इंप्लाइज की कटनी छटनी एवं उनका शोषण करेंगे , इसका दूरगामी प्रभाव होगा कि नियुक्ताओं को खुली छूट मिल जाएगी और वह अपनी मनमानी कर सकेंगे उनके द्वारा APPOINTMET LETTER फॉर्म A (Sales Promotion Employees Act के अनुसार) में नहीं मिलेगा जिसके कारण सालाना वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता के प्रावधान समाप्त हो जाएंगे
सेल्स प्रमोशन एम्पलाइज (“बिक्री संवर्धन कर्मचारी”) के वेतन पर सीलिंग नहीं थी। श्रम संहिताएं लागू होने के बाद सभी श्रम कानून के अधिकार समाप्त हो जायेगा। सेल्स प्रमोशन एम्पलाइज को प्राप्त छुट्टियों के प्रावधान समाप्त हो जायेगा। सेल्स प्रमोशन उद्योग में स्थायी रोजगार के अवसर के बदले फिक्स टर्म अपॉइंटमेंट एवं कांट्रेक्चुअल नौकरी तेजी से लागू होगा और नियमित रोजगार समाप्त हो जायेगा कंपनियां स्थायी कर्मचारियों की जगह अस्थायी नियुक्ति पर जोर दे सकती है, इससे सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों को नौकरी की स्थिरता और अन्य लाभों से वंचित होना पड़ सकता है। दवा उद्योग के अलावा अन्य 10 उद्योगों में कार्यरत सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। नई संहिताओं में कार्य के घंटे बढ़कर 12 घंटे तक किए जा सकते हैं, जिससे सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ेगा। श्रम संहिताओं के तहत बोनस और अन्य लाभों की नई परिभाषाएं लागू होने से कई कंपनियां बोनस की राशि घटाने या उससे बचने के रास्ते तलाश सकती है। सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों को मिलने वाले अन्य वित्तीय लाभों पर भी नए नियमों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड (Industrial Relations Code) के तहत कंपनियों को कर्मचारियों की छंटनी और अनुबंध समाप्त करने में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी | इससे सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा (Job Security) पर खतरा बढ़ेगा |

नए श्रम संहिताओं में यूनियन बनाने और हड़ताल करने के नियमों को सख्त किया गया है, जिससे सेल्स प्रमोशन कर्मचारी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना कठिन होगा। ये श्रम संहिताएं न सिर्फ श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करेंगी, बल्कि श्रमिकों का शोषण भी करेंगी, इसलिए श्रम संहिताओं को रद्द करने और श्रम शक्ति नीति 2025 वापस लेने की मांग हमारी अखिल भारतीय संगठन “FMRAI” तथा राज्य इकाई BSSR UNION की सभी 35 यूनिट पुरजोर तरीके से करतीं हैं । इस अवसर पर लहरिया सराय स्थित धरना स्थल से एक सैकड़ो की संख्या में यूनियन के सदस्यों ने जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया एवं केंद्रीय सरकार के विरोध में लेबर कोड को रद्द करने की मांग के नारे लगाए ।
कर्मचारी नेता फूल कुमार झा ने यूनियन के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में सभी केंद्रीय श्रमिक संगठनों को साथ लेकर आगामी 26 नवंबर को पूरे देश भर में बड़े पैमाने पर चारों लेबर कोड को रद्द करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन होगा जिसमें सभी केंद्रीय श्रमिक संगठन एवं चालीस से भी अधिक स्वतंत्र फेडरेशन शामिल होंगे। उन्होंने यूनियन के सदस्यों से आह्वान किया कि यह आर पार की लड़ाई है और जिस तरह किसान संगठनों ने चारों कृषि कानून को वापस लेने तक आंदोलन जारी रखा उसी तर्ज पर चारों लेबर कोड को रद्द होने तक मजदूर संगठनों की यह मांग रहेगी और इसे रद्द करा कर ही मजदूर संगठन दम लेंगे ।
इस अवसर पर सैकड़ो की संख्या में यूनियन के सदस्य शामिल थे यूनियन की विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता य अध्यक्ष नीतीश कुमार सिन्हा ने किया।
इस अवसर पर जिला इकाई के उपाध्यक्ष गौरव कुमार, शंभू मिश्रा ,सलिल रंजन ने सदस्यों को संबोधित कर विरोध प्रदर्शन को सफल बनाया ।
लेबर कोड को रद्द करने की मांग संलेख प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए जिला समाहर्ता के माध्यम से सौपा गया। अखिल भारतीय कार्यक्रम के अनुसार आगामी 26 नवंबर तक यूनियन के सभी सदस्य लेबर कोड के विरोध में काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। बिहार झारखंड सेल्स रिप्रेजेंटेटीव्स यूनियन सभी वर्गो के श्रमिकों के साथ एकजुट होकर अपनेअधिकारों की रक्षा की प्रतिबद्धता को कायम रखेगा।

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