डेस्क :राज ठाकरे ने मराठी भाषियों को बीएमसी चुनावों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी दी है, अन्यथा यह उनके लिए अंतिम चुनाव हो सकता है, जो मुंबई में राजनीतिक शक्ति संतुलन पर गहन विश्लेषण का संकेत देता है। शिवसेना (यूबीटी) का कांग्रेस के अकेले लड़ने के फैसले पर प्रतिक्रिया, एमवीए में राज ठाकरे की संभावित भूमिका और विभिन्न समुदायों पर इसके प्रभाव को लेकर विपक्षी एकता पर सवाल उठाती है। कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच बीएमसी चुनाव रणनीति पर मतभेद, विशेषकर हिंदी भाषियों और मुस्लिम वोटरों को लेकर, मुंबई की राजनीति में एमवीए की भविष्य की दिशा और महा विकास अघाड़ी की एकजुटता पर विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं।
