डेस्क :मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा की और संगम में पूजा-अर्चना कर आध्यात्मिक महत्व पर जोर दिया, जबकि प्रशासनिक स्तर पर 2025-2026 मेले की तैयारियाँ युद्ध स्तर पर चल रही हैं। गंगा-यमुना के जलस्तर की निगरानी और विभिन्न विभागों की सक्रियता के साथ, 3 जनवरी को होने वाले प्रथम शाही स्नान से पूर्व सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, बावजूद इसके कि नदी के जल का देर तक जमा रहना एक प्रमुख चुनौती बना हुआ है। महाकुंभ के बाद होने वाले इस 45 दिवसीय माघ मेले के लिए प्रयागराज में अस्थायी बस्ती को आकार दिया जा रहा है, जिसका उद्देश्य हिंदू माह ‘माघ’ में संगम पर होने वाले विशाल धार्मिक समागम को सफलतापूर्वक संपन्न कराना है।
