Bihar Deputy CM female: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के शानदार नतीजे आने के बाद, जहाँ NDA 200 के पार पहुँच गया, मुख्यमंत्री पद पर तो ‘नो वैकेंसी’ का बोर्ड लग गया है। लेकिन कैबिनेट की बैठक के बाद जैसे ही मुख्यमंत्री ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपा, राज्य में उप-मुख्यमंत्री पद को लेकर ज़ोरदार सियासी खेल शुरू हो गया है।इस ‘खेल’ में इस बार सिर्फ़ जाति का संतुलन ही नहीं, बल्कि जेंडर (लिंग) का भी तड़का लग रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार दोनों का ही ‘ट्रंप कार्ड’ हमेशा महिलाएँ रही हैं, और अब इन दोनों की सोच को साधते हुए क्या समीकरण सामने आता है, इसका खुलासा लगभग 19 नवंबर को होने की संभावना है। सूत्रों के गलियारों में चर्चा तेज़ है कि उपमुख्यमंत्री की कुर्सी किन-किन कद्दावर नेताओं के दरवाजे पर दस्तक दे रही है।
महिला कार्ड: एक टिकट पर दो खेला :भाजपा केंद्रीय सूत्रों की मानें तो पार्टी इस बार महिला कार्ड को पूरी मज़बूती से भुनाना चाहती है। इसके पीछे की रणनीति यह है कि एक ही चेहरे के साथ सवर्ण या पिछड़ा/अतिपिछड़ा दोनों को साधा जाए, यानी ‘एक टिकट पर दो खेला’।सवर्ण महिला कार्ड: इस दृष्टि से सवर्ण और महिला दोनों को एक साथ साधने के लिए श्रेयसी सिंह का नाम ज़ोरों पर है। श्रेयसी न केवल एक फायरब्रांड नेता हैं, बल्कि युवा और सवर्ण वर्ग से आती हैं।पिछड़ा/अतिपिछड़ा महिला कार्ड: वहीं दूसरी तरफ, पिछड़ा या अतिपिछड़ा और महिला कार्ड को ध्यान में रखकर जिस महिला विधायक पर पार्टी दाँव खेल सकती है, वह हैं रमा निषाद। रमा निषाद को उपमुख्यमंत्री बनाकर अतिपिछड़ा वर्ग को बड़ा संदेश दिया जा सकता है।
OBC कार्ड: पुरानी या नई पसंद?अगर पार्टी पुरुष नेता में से पिछड़ा वर्ग को मौका देती है, तो दो प्रमुख नामों पर चर्चा चल रही है:
सम्राट चौधरी: वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे ऊपर है। वह पहले भी उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्होंने ही इस वर्तमान विधानसभा चुनाव का नेतृत्व किया था, इसलिए नेतृत्व उन्हें पुरस्कृत कर सकता है
रामकृपाल यादव: दूसरा नाम पाटलिपुत्र के पूर्व सांसद रामकृपाल यादव का आता है, जो संगठन और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं।
सवर्ण कार्ड: दिल्ली या पटना लॉबी का बोलबाला?सवर्ण वर्ग से उपमुख्यमंत्री पद के लिए कई नाम तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे दिल्ली लॉबी और नीतीश कुमार से अच्छे संबंध रखने वाले नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा साफ दिख रही है:मंगल पांडेय: सवर्ण में एक नाम पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का आ रहा है। मंगल पांडेय के संबंध केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों से अच्छे रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर सीएम नीतीश कुमार से सहमति ली गई तो वह मंगल पांडेय को फेवर कर सकते हैं।रजनीश कुमार: सवर्ण में उपमुख्यमंत्री के रूप में विधायक रजनीश कुमार की चर्चा भी ज़ोरों पर है। ये पार्टी के सचेतक रहे हैं और बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन में भी रहे हैं। दिल्ली लॉबी से इनके नाम की चर्चा सबसे मजबूत बताई जा रही है।
विजय सिन्हा: पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का नाम भी चर्चा में चला, पर उनके बारे में विधानसभा अध्यक्ष बनने की बात चल रही है, जिससे उपमुख्यमंत्री की दौड़ में उनके नाम पर विराम लग सकता है।कुल मिलाकर, उपमुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए महिला बनाम पुरुष, सवर्ण बनाम पिछड़ा/अतिपिछड़ा का समीकरण बन रहा है, जिसे साधकर भाजपा केंद्रीय नेतृत्व एक ऐसा चेहरा सामने लाना चाहेगा जो भविष्य की राजनीति को भी साध सके।
