यूपी के कानपुर में धमाके का सच सामने आया है। कानपुर पुलिस ने बताया कि मूलगंज के मिश्री बाजार में आतंकी घटना का कोई लिंक नहीं है। आतंकी घटना का उन्होंने खंडन कर दिया है। कानपुर मूलगंज के बिसातखाना में हुए धमाके मामले में ऐक्शन लिया है।ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था आशुतोष कुमार ने बताया कि जहां धमाका हुआ, वहां कई दुकानों में तैयार पटाखे और पटाखे बनाने का बारूद भारी मात्रा में था। एक सीसीटीवी फुटेज भी मिला, जिसमें दुकान में रखे एक ढेर में हुआ विस्फोट दिखा है। वहीं पुलिस कमिश्नर ने अवैध पटाखों के जखीरे को रोकने में नाकामयाब रहे एसएचओ, चौकी इंचार्ज समेट छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। एसीपी भी हटाए गए।जांच के बाद स्कूटियां और घायल लोग इसकी चपेट में आ गए। दुकानों की तलाशी में भारी मात्रा में पटाखे और बारूद बरामद किया गया है। बिना अनुमति रिहायशी इलाके में बारूद भंडारण व बिक्री करने वालों की गिरफ्तारी की जाएगी। शाम 7:20 बजे मूलगंज थाना क्षेत्र के बिसाती बाजार में यह तेज धमाका हुआ। करीब एक किमी दूर तक इसकी आवाज सुनी गई। पहले सूचना फैली कि धमाका दो स्कूटियों में हुआ। कुछ देर बाद एक स्कूटी में धमाके की बात कही गई पर देर रात जांच में पुलिस को एक सीसी टीवी फुटेज मिला, जिससे तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई।
क्षेत्रीय लोगों ने भी पुलिस को यही सूचना दी। हालांकि इसी बीच पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिल गया। इस फुटेज से साफ हो गया कि वहां अवैध तरीके से पटाखा भंडाकर करके बेचा जा रहा था। जिसके बाद देर रात पुलिस आयुक्त फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और दुकानों के मालिकों को बुलवाया। काफी प्रयास के बाद भी जब कोई नहीं पहुंचा तो पुलिस को ताला तुड़वाकर जांच कराई। खबर लिखे जाने तक पुलिस एक दर्जन दुकानों की जांच कर चुकी थी। अधिकतर दुकानों में पटाखे मिले हैं। जिसके बाद पुलिस की जांच अब यहां अवैध पटाखा कारोबारियों पर टिक गई है। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार ने बताया कि दुकान मालिकों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
