बॉम्बे हाई कोर्ट से अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा को बड़ा झटका मिला है। कोर्ट ने कपल को विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि वे ₹60 करोड़ की रकम पहले जमा करते हैं।तभी उन्हें लॉस एंजेल्स या किसी अन्य विदेशी स्थान की यात्रा की अनुमति दी जा सकती है। इसके साथ ही कोर्ट ने दंपति के खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर (LOC) को भी खारिज करने से मना कर दिया। क्या है पूरा मामला इस रिपोर्ट में जानिए।ये पूरा मामला एक कथित ₹60 करोड़ की धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें शिल्पा और राज कुंद्रा पर पैसों के दुरुपयोग का आरोप है। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में एलओसी को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।
किसने की शिकायत?यह मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा जांचा जा रहा है। इसकी शुरुआत दीपक कोठारी, जो कि लोटस कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज के निदेशक हैं, की शिकायत से हुई थी। कोठारी का आरोप है कि शिल्पा और कुंद्रा ने उनसे 2015 से 2023 के बीच उनके व्यवसाय को बढ़ाने के नाम पर पैसे लिए, लेकिन उसका उपयोग अपने निजी खर्चों के लिए किया।
इनवेंस्टमेंट या कर्जा?कोठारी के अनुसार, 2015 में शिल्पा और राज ने एक मध्यस्थ के ज़रिए उनसे ₹75 करोड़ के ऋण के लिए संपर्क किया। यह पैसा उनकी कंपनी बेस्ट डील टीवी प्राइवेट लिमिटेड के लिए था, जो एक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म चलाती थी। ब्याज दर 12% तय हुई थी, लेकिन बाद में दंपति ने इस राशि को “ऋण” की बजाय “निवेश” बताने की बात कही और मासिक रिटर्न व मूलधन की वापसी का वादा किया ।
कोठारी द्वारा ट्रांसफर किया गया पैसा:
अप्रैल 2015 में ₹31.95 करोड़
सितंबर 2015 में ₹28.53 करोड
बेस्ट डील टीवी के खातों में ट्रांसफर किए। कुल मिलाकर यह राशि ₹60 करोड़ के करीब थी। बाद में कोठारी को पता चला कि कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि उनके कई बार प्रयास के बाद भी पैसे वापस नहीं मिले, और दंपति ने उन्हें धोखा दिया
इन धाराओं में रजिस्टर है केस शिकायत के बाद, ईओडब्ल्यू ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया कि कोठारी के पैसे का गलत इस्तेमाल किया गया। इसके बाद, शिल्पा, राज और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ IPC की धारा 403, 406 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया। बता दें, शिल्पा शेट्टी ने 2016 में कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। उनके वकील प्रशांत पाटिल ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वे जांच एजेंसियों के सामने सच पेश करेंगे।
