राष्ट्रीय

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं पत्नी गीतांजलि

डेस्क : पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो ने इस गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की।

सोनम की गिरफ्तारी पर सवाल उठाने वाली इस याचिका में गीतांजलि ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को पक्षकार बनाया गया है। गीताजंलि का आरोप है कि खुफिया ब्यूरो ने एफसीआरए को ब्लैकमेलिंग के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।

गीतांजलि ने इस मामले में राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी चिट्ठी लिखी थी। सोनम पर हिंसा भड़काने के लगे आरोपों को खारिज करते हुए गीतांजलि ने कहा कि सोनम ने हिंसा को बढ़ने से रोकने के लिए अपना उपवास समाप्त कर दिया और झड़पों की निंदा की। यहां तक कि शोक संतप्त परिवारों ने भी कहा कि यह वांगचुक की गलती नहीं थी।

उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर वांगचुक को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में लिए जाने का आरोप जड़ा। उन्होंने दावा किया कि हिरासत में लेते वक्त वांगचुक को ठीक से कपड़े भी नहीं पहनने दिए गए। पता नहीं उन्हें नए कपड़े और दवाएं दी गई हैं या नहीं। ALSO READ: सोनम वांगचुक की पत्नी का राष्‍ट्रपति को पत्र, किए बड़े खुलासे

वांगचुक की पत्नी ने पिछले चार साल से उनके पति के खिलाफ साजिश रचे जाने का आरोप जड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जलवायु परिवर्तन, पिघलते ग्लेशियरों, शैक्षिक सुधारों और जमीनी स्तर पर इनोवेशन के बारे में बोलना अपराध है? कम से कम ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा तो नहीं ही है। गीतांजलि ने राष्ट्रपति से अपने पति को रिहा करने की अपील की है। जलवायु कार्यकर्ता की पत्नी ने पूछा, क्या मुझे अपने पति से मिलने का हक नहीं।

गौरतलब है कि सोनम को लद्दाख हिंसा मामले में लेह में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जोधपुर की जेल में शिफ्ट कर दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *