प्रादेशिक सोशल मीडिया

सूरत : माँ ने मोबाइल छीना तो 13 साल के बच्चे ने लगा ली फांसी

गुजरात : मोबाइल फोन और सोशल मीडिया की लत ने युवाओं सहित किशोरों को भी बहुत बुरी तरह जकड़ रखा है. वर्तमान समय में यह युवा पीढ़ी के लिए जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है. बच्चे अक्सर मोबाइल फोन में कुछ ना कुछ करते रहते हैं और वीडियो बनाते हैं और मोबाइल को ही दुनिया मान बैठते हैं. लेकिन मोबाइल फोन का ये नशा कई बार मौत का सबब भी बन जाता है. गुजरात के सूरत से ऐसा ही दिल दहला देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां मोबाइल फोन के चक्कर में 13 साल के बच्चे की जान चली गई.

सूरत के 8वीं कक्षा का छात्र, 13 साल का ये बच्चा स्टंट और डांस वीडियो बनाने का शौकीन था, आए दिन सोशल मीडिया पर वह अपने वीडियो भी अपलोड करता रहता था. लेकिन जब बच्चे की मां ने उससे फोन छीन लिया तो नाराज़ होकर उसने घर की गैलरी में ही फांसी लगा ली.

बता दें कि सूरत में एक कारखाना चलाने वाले अश्विन के 13 साल के बेटे मीत का शव उसकी गैलरी में मिला है, वह आठवीं क्लास में पढ़ता था. मीत के डांस, मुक्केबाजी, स्टंट के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते थे. मंगलवार की शाम भी मीत अपने घर की गैलरी में स्टंट वीडियो बना रहा था. देर शाम तक जब वो घर के अंदर नहीं आया, तो बहन हेनी उसे देखने गई पहली नज़र में वो कुर्सी पर बैठा नज़र आया लेकिन, नज़दीक जाकर देखा तो गले में फंदा लगा हुआ दिखाई दिया. मीत ने गैलरी में पांच फुट ऊपर लगे कील से पट्टे की रस्सी बनाकर फांसी लगा ली थी. उसे तत्काल डायमंड अस्पताल ले जाया गया जहां मौजूद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

मीत के पिता के बयान के मुताबिक, मीत को सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने का शौक था. लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए उसे नया मोबाइल फ़ोन भी ख़रीद कर दिया था. लेकिन, वीडियो बनाने के कारण वो पढ़ाई नहीं कर रहा था. जिसके बाद उसकी मां ने उसके हाथ से मोबाइल फ़ोन छीन लिया था, जिससे वो नाराज़ हो गया था. अब पुलिस ने इस मामले में पोस्टमॉर्टम करवा कर आगे की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है. सूरत से सामने आया इस तरह का मामला झकझोर देने वाला है.

न्यूज वॉच संवाद : हम तक यह खबर थोड़ी देर से पहुंची, परंतु न्यूज वॉच अपने संवाद के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को यह संदेश देना चाहता है कि कोरोना एक विषम परिस्थिति है जिसने हम सबकी समान्य जीवनशैली को बुरी तरह से प्रभावित किया है. ऐसे में अत्यंत आवश्यक है कि हम हर किसी की संवेदना को समझे और किसी प्रकार की गैरजिम्मेदाराना हरकतों से किसी को भी आहत नहीं करें. बच्चों और अभिभावकों को आपस में समय बिताने की आवश्यकता है. बच्चों की मनःस्थिति को समझने की आवश्यकता है.

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