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कैसे करें नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की पहचान, जानें

डेस्क : दिल्ली पुलिस ने एक अभियान के तहत ट्वीट किया है, जिसमें फोटो जारी कर बताया गया है कि नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन कैसा होता है और उसके डिब्बे पर क्या लिखा होता है. दिल्ली पुलिस की अधिकारी मोनिका भारद्वाज ने टि्वटर पर नकली इंजेक्शन की तस्वीर शेयर की है, जिसपर ‘covipri’ लिखा हुआ है. मोनिका भारद्वाज ने इस तरह के इंजेक्शन से बचने की सलाह दी है और कहा है कि बाजार में यह दवा घूम रही है. इसलिए, खरीदने से पहले असली-नकली की पहचान अवश्य कर लें.

covipri नाम से नकली इंजेक्शन

पुलिस ने कहा है कि कोई भी रेमडेसिविर इंजेक्शन covipri के नाम से नहीं आती. इससे जुड़ा एक गैंग पर्दाफाश हो चुका है और दवाएं जब्त की गई हैं लेकिन मार्केट में अब भी यह दवा घूम रही है. कुछ आपराधिक तत्व मुनाफा कमाने के लिए ऐसी नकली दवा भारी दाम पर बेच रहे हैं. जब भी रेमडेसिविर दवा लेनी हो तो वेरीफाइड सोर्स से ही लें, न कि किसी जालसाज से. दिल्ली पुलिस ने अभी हाल में रेमडेसिविर बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया जो उत्तराखंड के कोटद्वार में सक्रिय था. इस कांड में 7 अपराधी पकड़े गए और 198 नकली रेमडेसिविर के वायल को बरामद किया गया.

पहचानने का तरीका

नकली रेमडेसिविर के डिब्बे पर अंग्रेजी लिखावट में कई अशुद्धियां पाई गई हैं. जैसे कि नकली डिब्बे पर For used in india. Not for export लिखा होगा जो कि गलत अंग्रेजी है. इसी तरह ‘caution’ में लिखा गया है कि “It is a dangerous to take this preparation Except under medical supervision” जो कि व्याकरण के हिसाब से पूरी तरह गलत है. इंजेक्शन के डिब्बे पर कंपनी का पता दिया गया है, वह भी गलत है. इसमें लिखा गया है कि मेट्टूपलायम और सिंगटम में दवा बनी है. सिंगटम जहां सिक्किम में है, वहीं मेट्टूपलायम तमिलनाडु में. इन दोनों जगह को एक ही एड्रेस के तहत दिया गया है.

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