अंतरराष्ट्रीय

विदेशी छात्रों और पत्रकारों के लिए अमेरिका में रहना अब मुश्किल, ट्रंप ने वीजा नियमों में किया बदलाव

ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों, मीडिया कर्मियों और अन्य कुछ वीजा धारकों के लिए एक नया नियम प्रस्तावित किया है. इस नियम का मकसद इन लोगों के अमेरिका में रहने की अवधि को सीमित करना है. सरकार का कहना है कि ऐसा करने से वीजा का गलत इस्तेमाल रुकेगा और इन व्यक्तियों की बेहतर निगरानी हो पाएगी.

इस नए प्रस्ताव के तहत, विदेशी छात्रों (F वीजा), एक्सचेंज विजिटर्स (J वीजा), और विदेशी मीडिया कर्मियों (I वीजा) को अब अमेरिका में एक तय समय के लिए ही रहने की अनुमति मिलेगी. अभी तक इन वीजा धारकों को जब तक वे अपने नियमों का पालन करते थे, तब तक रहने की इजाजत थी, जिसे ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ कहते थे.

नए नियम लागू होने के बाद, अगर इन लोगों को तय अवधि से ज्यादा समय तक अमेरिका में रहना है, तो उन्हें अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (DHS) में ‘एक्सटेंशन ऑफ स्टे’ (रहने की अवधि बढ़ाने) के लिए आवेदन करना होगा.

डीएचएस का कहना है कि यह बदलाव इसलिए जरूरी है क्योंकि अमेरिका में आने वाले इन लोगों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है. 2023 में ही, 16 लाख से ज्यादा छात्र, 5 लाख से ज्यादा एक्सचेंज विजिटर्स और 32,000 से ज्यादा मीडिया कर्मी अमेरिका आए थे. नए नियम से इन सभी की बेहतर निगरानी हो पाएगी.

मुख्य बदलाव 

समय सीमा तय होगी: विदेशी छात्रों और एक्सचेंज विजिटर्स के लिए रहने की अधिकतम अवधि 4 साल तक सीमित की जा सकती है.

ग्रेस पीरियड कम होगा: छात्रों के लिए पढ़ाई पूरी होने के बाद अमेरिका में रहने का ग्रेस पीरियड 60 दिन से घटाकर 30 दिन किया जा सकता है.

मीडिया कर्मियों के लिए नियम: विदेशी मीडिया कर्मियों के लिए पहली बार अमेरिका आने पर रहने की अवधि 240 दिन तक तय की जाएगी, जिसे बाद में 240 दिन तक बढ़ाया जा सकता है.

नियमित समीक्षा: नए नियम के तहत, इन लोगों को अमेरिका में रहने के लिए नियमित रूप से ‘एक्सटेंशन’ के लिए आवेदन करना होगा. इससे सरकार को समय-समय पर यह जांच करने का मौका मिलेगा कि वे नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं.

डीएचएस का मानना है कि यह नया ढांचा धोखाधड़ी और गलत इस्तेमाल को रोकने में मदद करेगा और अमेरिका की वीजा प्रणाली को और मजबूत बनाएगा.

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