तालाबो के शहर में भी जल संकट देखने को मिलेगा एसा कभी सोचा नहीं होगा
प्रशासन को जल संकट से स्थाई निदान के लिए 15 दोनों का समय देता हूं नहीं तो दरभंगा की जनता सड़कों पर आ जाएगी : रवि के पटवा
दरभंगा। शुभंकरपुर , महाराजीपुल स्थित इस्कॉन मंदिर परिसर में जल संकट पर आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए रवि के पटवा, समाजसेवक, फिल्मकार, इतिहासकार, पर्यावरणविद, अध्यक्ष, अम्बेडकर वी के पटवा, सामाजिक न्याय स्मारक, नेशनल रिप्रेजेंटेटिव हिन्दू बुनकर समाज, अध्यक्ष,मिथिला जल संरक्षण कमिटी ने कहा दरभंगा मिथिला की भूमि का जल सुख रहा है, हर कोई मुह देख रहा है। जल संकट का स्थाई निदान है हमारे पास,अत्याचार व भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग हमारी, दरभंगा मिथिला मातृभूमि हमारी, पीरा हमारी, दर्द हमारा तो निदान भी हमारा, सरकारी अमला सहयोग करें, पुराना मेथर्ड तरीका छोड़ दें। यही है हमारा संकल्प मिथिला का हो कायाकल्प, विषय को रखते हुए उन्होंने कहा मातृभूमि जन्मभूमि यही है हमारी, यहां कभी चारो ओर जल ही जल भरा होता था। नदिया पूरी तरह से सुख चुकी है, एसा भी दिन देखने को मिलेगा यह सपने में भी नहीं सोचा था। यहां जल संकट से लोगो को जूझना पड़ेगा। एक जल अकाल 2019 में पड़ी थी इस पर तत्काल मैंने एक प्रस्ताव दिया था। और जिस पर सरकार ने जल जीवन हरियाली योजना चलाई थी। जिसके बाद जगह-जगह पेड़ पौधे लगाने की मुहिम चलाई गई। जो कई स्कूल, कॉलेज एवं विभागीय परिसरों में पेड़ लगाए गए थे वे आज बड़े हो गए हैं। अत्यधिक समरसेबल के गारने से भी जल संकट उत्पन्न हुई है। श्री पटवा ने कहा जल संकट से निदान के लिए मैंने मुंबई से स्थल जाँच के लिए एक जांच टीम भी बुलाया था। मैं कह देना चाहता हूं के आने वाले दिनों में तालाबों का शहर कहा जाता था वहां जल के लिए जंग होगी। समय रहते जल संकट से स्थाई निदान के लिए प्रयास नहीं किया गया तो हमारे आने वाले पीढ़ी के लिए जल संकट बड़ी समस्या बन जाएगी। सरकारी अमला तो बाहरी होते हैं उन्हें यहां की समस्या से क्या लेना देना यहां की समस्या हमें और हम स्थानीय लोगो को होती है। हमें समस्या का स्थाई निदान निकलना होगा। हमें सड़कों के किनारे फिर लगाए, सोखता बनाए जो वर्षा के जल को जमीन के अंदर जमाकर भुगर्भ का जल रिचार्ज हो सके। मैं प्रशासन को जल संकट से स्थाई निदान के लिए 15 दोनों का समय देते है