डेस्क :उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित पीडीए पाठशाला (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) कार्यक्रम इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पाठशाला के अंतर्गत बच्चों को अक्षरों की पहचान कराते हुए ‘ए से अखिलेश यादव’ और ‘डी से डिंपल यादव’ पढ़ाया जा रहा है। देखा जाये तो समाजवादी पार्टी का परिवारवाद इस पाठशाला में भी छाया हुआ है क्योंकि बच्चों को सिर्फ परिवारवादी नेताओं के ही बारे में बताया जा रहा है। दूसरी ओर सपा का कहना है कि यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय और अपने नेताओं से परिचय कराने का एक रचनात्मक प्रयास है, लेकिन विपक्षी दलों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि अगर सरकार स्कूल बंद करेगी, तो समाजवादी लोग ‘PDA पाठशाला’ चलाएंगे। उन्होंने कहा है कि यह लड़ाई सिर्फ़ स्कूलों की नहीं, बल्कि संविधान, सामाजिक न्याय और ग़रीबों के भविष्य की है
