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पूनम मिश्रा : मैथिली गायिकी का दमकता सितारा

पूनम मिश्रा एक सुविख्यात मैथिली लोकगायिका हैं। गायिकी के क्षेत्र में  इनकी शानदार उपलब्धियों  के लिए इन्हें ‘मिथिला रत्न’ एवं ‘मिथिला विभूति’ जैसे अनेक सम्मान-पुरस्कार से नवाजा जा चुका है.

पूनम मिश्रा प्रख्यात मैथिली लोकगायिका के रूप में सम्पूर्ण देश में जानी जाती हैं. मैथिली फिल्म ‘हमर मिथिला’ व ‘जेहने साउस तेहने पुतोहू’ में उन्होंने हिट गाने गाए हैं. साथ ही, बतौर अभिनेत्री भी इन्होंने खुद को स्थापित किया है.

पूनम मिश्रा का जन्म 4 फरवरी, 1987 को मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड के मनपौर गाँव में हुआ था. पूनम मिश्रा ने मात्र चार वर्ष की उम्र में ही संगीत सीखना आरंभ कर दिया था. पूनम के पिता संगीतज्ञ थे. हारमोनियम बजाते थे. उन्हीं की अंगुली थामे पूनम ने छह वर्ष की उम्र में ही मंच की राह पकड़ ली. वह छह भाई-बहन हैं. पूनम एलएनएमयू, दरभंगा से डबल ग्रेजुएट हैं.

पूनम मिश्रा के स्वर में लगभग 70 से अधिक एल्बम बाजार में आ चुके हैं. इनमें सबसे सुपरहिट एल्बम ‘मनमोहन दूल्हा’ रहा. ‘भगवती वंदना’, ‘दुलरुआ बौवा’, ‘सोहर-समदाउन’, ‘दुर्गा महिमा’ तथा ‘दूल्हा-दुल्हिन’ आदि को भी जबरदस्त लोकप्रियता मिली. सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय पूनम मिश्रा के गानों को लाखों-करोड़ों की संख्या में लोग देखते-सुनते हैं.

यूट्यूब पर पूनम मिश्रा को ‘जहिये स गेलखिन सजना’- एक करोड़ + व्यूज , ‘विनती सुनियौ हे महारानी’ -एक करोड़ + व्यूज,
‘बाबा रचि-रचि लिखबै यौ’ – 94 लाख + व्यूज, ‘पिया परदेश गेलै’ -87 लाख + व्यूज , ‘राजा जनक जी के एक बेटी सीता’-16 लाख व्यूज मिले हैं।

पूनम मिश्रा मिथिला से लेकर पटना, दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, हैदराबाद, बिलासपुर, रांची, जमशेदपुर, अमृतसर, गुवाहाटी, काठमांडू, इंदौर समेत कई राज्यों व नगरों में ‘स्टेज परफॉर्म’ कर चुकी हैं। पूनम के पसंदीदा गायक उदित नारायण झा और गायिका शारदा सिन्हा व लता मंगेशकर हैं।

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