डेस्क : अमेरिका ने भारत को एक बड़ा झटका दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने भारत सहित अन्य देशों पर शुल्क लगाने का फैसला लिया है, और भारत पर 26 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया है. इस निर्णय ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है.
ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस के रोज़ गार्डन से विभिन्न देशों पर शुल्क लगाने की घोषणा करते हुए इसे “मुक्ति दिवस” के रूप में प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि दो अप्रैल 2025 को हमेशा के लिए याद किया जाएगा, क्योंकि इसी दिन अमेरिकी उद्योग का पुनर्जन्म हुआ और अमेरिका के भाग्य का पुन: उदय हुआ. ट्रंप ने यह भी कहा कि अब अमेरिका को फिर से समृद्ध बनाने का काम शुरू किया गया है.
अमेरिका के शुल्क दरों पर बात करते हुए, ट्रंप ने बताया कि दशकों तक अमेरिका सिर्फ ढाई प्रतिशत शुल्क लेता रहा है, जबकि यूरोपीय संघ 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वसूलता है, और भारत 70 प्रतिशत शुल्क लगाता है. ट्रंप ने कहा कि अन्य देशों द्वारा लगाए गए व्यापार बाधाओं और गैर-मौद्रिक अंकुशों के मुकाबले यह बहुत कम था. उन्होंने चार्ट दिखाकर बताया कि भारत, चीन, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे देशों द्वारा लगाए गए शुल्क के साथ-साथ अब अमेरिका भारत से 26 प्रतिशत का “रियायती जवाबी शुल्क” वसूलेगा.
ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ उचित व्यवहार नहीं किया। ट्रंप ने कहा कि भारत 52 प्रतिशत शुल्क वसूलता है, और यह बदलाव उन्होंने अपने कार्यकाल में ही शुरू किया, जब वे सत्ता में आए थे.
यह निर्णय वैश्विक व्यापार पर गहरे प्रभाव डाल सकता है, और इसके चलते अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं.
ट्रंप के फैसले पर केंद्र सरकार ने कहा कि यह भारत के लिए कोई बड़ा झटका नहीं है। हम इस फैसले पर गहन विश्लेषण कर रहे हैं और आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। केंद्र सरकार का मानना है कि इससे भारत और अमेरिका के संबंधों पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ेगा और स्थिति को समझते हुए उचित कदम उठाए जाएंगे.