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RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट कटौती का किया एलान, सस्‍ती होगी लोन-ईएमआई

डेस्क : कोरोना संकट को देखते हुए मोदी सरकार ने करीब 21 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का एलान किया था. देश के सामने इस पैकेज का ब्यौरा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रख चुकी हैं. अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट कटौती की घोषणा की है.

आरबीआई गवर्नर ने बताया कि पिछले तीन दिन में एमपीसी ने घरेलू और ग्लोबल माहौल की समीक्षा की. इसके बाद रेपो रेट में 0.40 फीसद की कटौती का फैसला लिया गया है. लॉकडाउन में यह दूसरी बार है, जब आरबीआई ने रेपो रेट पर कैंची चलाई है.

इससे पहले 27 मार्च को आरबीआई गवर्नर ने 0.75 फीसद कटौती का एलान किया था. इसके बाद बैंकों ने लोन पर ब्‍याज दर कम कर दी थी. जाहिर है कि इससे ईएमआई भी पहले के मुकाबले कम हो गई है.

17 अप्रैल को कोरोना संकट और लॉकडाउन के मद्देनजर आरबीआई ने कई राहत का एलान किया था. रिवर्स रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई. अब रिवर्स रेपो रेट 4% से घटकर 3.75% हो गया है. रिवर्स रेपो रेट में कटौती से बैंकों को फायदा होगा. बैंकों को कर्ज मिलने में दिक्कत नहीं होगी.आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि कोविड 19 से छोटे और मध्यम आकार के कॉरपोरेट को नकदी की काफी दिक्कत हुई, इसलिए टीएलटीआरओ 2.0 का एलान किया जा रहा है. 50,000 करोड़ रुपये से शुरुआत की जा रही है. इसके बाद हालात का आकलन कर इसे और बढ़ाया जाएगा. TLTRO 2.0 के तहत 50 फीसद टोटल अमाउंट छोटे, मध्यम आकार के कॉरपोरेट, एमएफआई, एनबीएफसी को जाएगा. इसके पहले 27 मार्च को भारतीय रिजर्व बैंक ने कोरोना की वजह से टर्म लोन की ईएमआई वसूली तीन महीने तक टालने की बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को इजाजत दी. कोरोना की वजह से मौद्रिक नीति समीक्षा समय से पहले पेश करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह घोषणा की थी कि बैंकों को यह इजाजत दी जा रही है कि वे टर्म लोन के मामले में ग्राहकों की ईएमआई वसूली तीन महीने के लिए टाल दें. इस कर्ज वापसी न होने को बैंकों को एनपीए खाते में न रखने की छूट दी जाएगी.

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