डेस्क: शुक्रवार को जारी काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, मेमोरी चिप की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के कारण मोबाइल डिवाइस की लागत बढ़ गई, जिससे 2026 की तीसरी तिमाही में भारत के स्मार्टफोन बाजार में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की गिरावट आई है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक का अनुमान है कि 2026 में भारत का स्मार्टफोन बाजार लगभग 13 प्रतिशत तक सिकुड़ सकता है। कीमतों के लगातार दबाव के कारण लोगों के लिए फोन खरीदना मुश्किल हो रहा है और पुराने फोन को बदलने की मांग (रिप्लेसमेंट डिमांड) पर भी असर पड़ रहा है। मार्केट रिसर्च फर्म ने बताया, “2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत में स्मार्टफोन की शिपमेंट सालाना आधार पर 20 प्रतिशत गिरकर पिछले एक दशक के सबसे निचले स्तर पर आ गई। मेमोरी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी से डिवाइस की लागत बढ़ गई, जिससे ज्यादातर ब्रांड्स की शिपमेंट में कमी आई। मांग लगातार कमजोर रहने के कारण, कंपनियों (OEMs) ने त्योहारी सीजन से पहले भी चैनल इन्वेंट्री (स्टॉक) को सीमित रखा।”
बाजार की बदलती स्थितियों के बीच, सैमसंग 17 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ फिर से शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है, जबकि चीनी कंपनियों की सप्लाई में गिरावट दर्ज की गई। 2026 की तीसरी तिमाही में 17 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ, सैमसंग ने नौ तिमाहियों के बाद बाजार में फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। गैलेक्सी A सीरीज की बिक्री ने इसमें अहम योगदान दिया, जिसे कंपनी की ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री की संतुलित रणनीति का भी समर्थन मिला।” रिपोर्ट में कहा गया है, “सैमसंग द्वारा कीमतों में सीमित बढ़ोतरी और मेमोरी की बढ़ती लागत को बेहतर ढंग से संभालने के कारण, कंपनी ने पूरे बाजार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया।”


