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वाणी कपूर ने हीरो महिला इंडियन ओपन में हासिल किया करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

डेस्क: भारतीय गोल्फर वाणी कपूर ने हीरो महिला इंडियन ओपन में उपविजेता रहने के बाद अगले साल खिताब जीतने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि वह अपनी कमियों पर काम करेंगी और अगले सत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगी। वाणी ने इस टूर्नामेंट में लेडीज यूरोपियन टूर (LET) पर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

वाणी कपूर ने कहा, ‘मेरी योजना आक्रामक खेलने और प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाने की थी, लेकिन पोर्नानॉन्ग फाटलम ने शानदार खेल दिखाया। हम दोनों एक-दूसरे को चुनौती दे रही थीं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रही थीं। मैं अगले साल फिर लौटूंगी, कड़ी मेहनत करूंगी और उम्मीद है कि इस बार खिताब जीतने में सफल रहूंगी।’
थाईलैंड की गोल्फर पोर्नानॉन्ग फाटलम ने रविवार को हीरो महिला इंडियन ओपन का खिताब रिकॉर्ड चौथी बार अपने नाम किया। वाणी कपूर अंतिम दौर से पहले शीर्ष पर थीं, लेकिन फाटलम के शानदार प्रदर्शन के सामने उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। वाणी ने चार राउंड में 73, 69, 69 और 70 का स्कोर करते हुए कुल सात अंडर 281 का स्कोर बनाया।
अपने प्रदर्शन से संतुष्ट वाणी ने कहा कि इस टूर्नामेंट में दुनिया की बेहतरीन खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा, ‘यह लेडीज यूरोपियन टूर पर मेरा अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह जश्न मनाने का पल है, लेकिन अब फिर से मेहनत शुरू करनी होगी। मुझे उम्मीद है कि अब मुझे और टूर्नामेंट खेलने के अवसर मिलेंगे। मैं आत्मविश्वास के साथ आगे की प्रतियोगिताओं की तैयारी करने के लिए उत्साहित हूं।’
32 वर्षीय वाणी ने डीएलएफ गोल्फ एंड कंट्री क्लब के चुनौतीपूर्ण कोर्स पर मिले समर्थन के लिए प्रशंसकों, परिवार और दोस्तों का आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘मुझे यह कोर्स बहुत पसंद आया। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और मुझे नहीं लगता कि मैं इससे बेहतर कुछ कर सकती थी। मुझे गर्व है कि मैं दबाव में नहीं आई। सप्ताहांत में बड़ी संख्या में लोगों को समर्थन देने आते देखना मेरे लिए खास था।’
वहीं, पोर्नानॉन्ग फाटलम ने भारत में अपना चौथा खिताब जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं। भारत में यह मेरी चौथी जीत है और यह मेरे लिए बेहद खास है। यह एशिया के सबसे कठिन कोर्स में से एक है। भारत में खेलते समय मैं सहज महसूस करती हूं और इस सप्ताह मेरा खेल शानदार रहा।’ उन्होंने बताया कि चुनौतीपूर्ण कोर्स पर सफल होने के लिए टी-शॉट को सही दिशा में खेलना और गेंद को फेयरवे पर रखना बेहद महत्वपूर्ण था।
इस बीच, 13 वर्षीय ओजस्वानी सरस्वत ने टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ एमेच्योर खिलाड़ी का पुरस्कार जीता। उन्होंने कहा कि डीएलएफ में खेलना हमेशा सम्मान की बात है और इस उपलब्धि से वह बेहद खुश हैं। ओजस्वानी ने भविष्य में एमेच्योर के तौर पर बड़े टूर्नामेंट खेलने, ऑगस्टा में प्रतिस्पर्धा करने, विश्व की नंबर एक खिलाड़ी बनने और ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने की इच्छा भी जताई।

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