डेस्क:वाराणसी। काशी में रविवार को गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की गर्जना और हैरतअंगेज हवाई करतबों ने लोगों को रोमांचित कर दिया। नमो घाट पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राफेल, सुखोई और अन्य विमानों का प्रदर्शन देखा। भारतीय वायुसेना के 94 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। विमानों की गर्जना से गूंजते आसमान में जब सूर्यकिरण टीम ने रंगीन धुएं से तिरंगे की आकृति उकेरी, तो घाटों पर मौजूद दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साह जताया। नमो घाट पर एयर शो के दौरान राफेल लड़ाकू विमानों की गर्जना ने दर्शकों का ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री मोदी विमानों के करतब गंभीरता से देखते रहे। इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना और वायुसेना के शौर्य के प्रति अभिवादन भी किया। प्रधानमंत्री के साथ मौजूद लोगों ने भी तालियां बजाकर हवाई प्रदर्शन का उत्साह बढ़ाया।
आयोजकों की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, एयर शो में 100 से अधिक विमानों और हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई थी। इसमें राफेल और सुखोई सहित 52 लड़ाकू विमान शामिल बताए गए। लड़ाकू विमानों के साथ हेलीकॉप्टरों की समन्वित उड़ानों ने भी दर्शकों को रोमांचित किया। गंगा के दोनों किनारों पर मौजूद लोगों की निगाहें लगातार आसमान पर टिकी रहीं।
एयर शो के प्रमुख आकर्षणों में भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का प्रदर्शन शामिल रहा। नौ हॉक विमानों की टीम ने एक साथ उड़ान भरते हुए विभिन्न आकृतियां बनाईं। विमानों से निकलते रंगीन धुएं ने आसमान में तिरंगे जैसी छटा बिखेरी। इस दृश्य को देखकर नमो घाट सहित आसपास के घाटों पर मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह जताया।
कार्यक्रम की रूपरेखा में सी-17 ग्लोबमास्टर के नेतृत्व में सूर्यकिरण विमानों के फ्लाईपास्ट को भी शामिल किया गया था। इसके अलावा स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस के एरोबैटिक प्रदर्शन और तीन राफेल विमानों की सामूहिक उड़ान को भी खास आकर्षण के तौर पर रखा गया। इन प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, पायलटों के कौशल और विमानों के बीच समन्वय का प्रदर्शन किया गया। गंगा के ऊपर विमानों की बदलती दिशाओं, तेज गति और नियंत्रित उड़ानों ने एयर शो को यादगार बना दिया। बच्चों और युवाओं के साथ बड़ी संख्या में परिवार भी इस नजारे को देखने पहुंचे।
प्रधानमंत्री मोदी एयर शो में शामिल होने से पहले मिर्जामुराद क्षेत्र के खोचवां में अरविंद लिमिटेड की नई टेक्सटाइल इकाई का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन से नमो घाट तक सड़क मार्ग से यात्रा की। करीब सात किलोमीटर लंबे रास्ते पर जगह-जगह लोगों ने उनका स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों, देशभक्ति गीतों और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के बीच प्रधानमंत्री के काफिले पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गईं। कई स्थानों पर उमड़ी भीड़ का अभिवादन करने के लिए प्रधानमंत्री ने वाहन से बाहर निकलकर हाथ भी हिलाया।
घाटों की सीढ़ियों से लेकर नदी के दूसरे किनारे तक दर्शकों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक जनभागीदारी वाला कार्यक्रम बना दिया। एयर शो के तीसरे दिन रविवार सुबह करीब नौ बजे से ही नमो घाट और आसपास के गंगा घाटों पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। दर्शकों ने सीढ़ियों और निर्धारित स्थानों पर जगह लेकर हवाई करतब देखने का इंतजार किया। डोमरी, बहादुरपुर और कटेसर सहित गंगा के दूसरे किनारे के इलाकों में भी लोगों की भीड़ जुटी रही।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर भी शहर में उत्साह का माहौल रहा। पुलिस लाइन से नमो घाट तक प्रमुख मार्गों पर स्वागत मंच बनाए गए थे। भदऊचुंगी और कज्जाकपुरा सहित कई स्थानों पर लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए खड़े रहे। अरविंद टेक्सटाइल इकाई में काम करने वाली पूजा देवी ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि अब तक प्रधानमंत्री को केवल टेलीविजन पर देखा था और उनसे आमने-सामने मिलकर उन्हें खुशी हुई।
कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए गए। राजघाट पुल पर आवाजाही बंद रहने से गंगा के पार आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। काशी में आयोजित इस एयर शो ने गंगा के घाटों को देशभक्ति और रोमांच के रंग में रंग दिया। आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना, हेलीकॉप्टरों की समन्वित उड़ान और सूर्यकिरण टीम की तिरंगा प्रस्तुति आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे।


