डेस्क:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में मुस्लिम से मुस्लिम, कम्युनिस्ट से कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन से क्रिश्चियन लड़ रहे हैं, जबकि भारत सनातन की छाया में हर जाति, संप्रदाय, मत और मजहब को सुरक्षा देने के साथ बिना भेदभाव समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की यह परंपरा उसकी सांस्कृतिक चेतना और समन्वय की भावना को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोग राष्ट्र की एकता को कमजोर करते हैं। उन्होंने समाज से दुष्प्रचार, नशे और विभाजनकारी प्रवृत्तियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। आर्यनगर रामलीला मैदान में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन मर्यादा, संकल्प और वचन-कर्म की एकरूपता का संदेश देता है। रामलीलाएं इसी आदर्श को गांव-गांव तक पहुंचाने के साथ सामाजिक समरसता की मिसाल प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का संकल्प केवल रावण के दस सिर जलाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अन्याय, अत्याचार, अधर्म, भ्रष्टाचार, दुराचार, दुष्प्रचार, भ्रम और नशे के खिलाफ संघर्ष को भी मजबूत करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दुनिया के विभिन्न समुदायों और विचारधाराओं के बीच संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में मुस्लिम से मुस्लिम, कम्युनिस्ट से कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन से क्रिश्चियन आपस में लड़ रहे हैं। इसके विपरीत, भारत सनातन की छाया में हर जाति, संप्रदाय, मत और मजहब को सुरक्षा दे रहा है और बिना भेदभाव समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक परंपरा को सामाजिक समन्वय और सह-अस्तित्व से जोड़ते हुए कहा कि देश की एकता और मजबूती ही उसकी विरासत तथा सम्मान की रक्षा का आधार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत कमजोर होता है, तब उसकी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत पर आघात होता है। राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ जैसे धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश की मजबूती से ही अपनी परंपराओं और सम्मान को सुरक्षित रखने की क्षमता बढ़ती है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को संकल्प और एकता का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान सत्ता नहीं बल्कि संकल्प था। रामभक्तों ने कठिनाइयों के बावजूद मंदिर निर्माण का विश्वास बनाए रखा। उनके अनुसार, सनातन समाज की एकजुटता ने इस संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग समाज की एकता को खंडित करके राष्ट्र को कमजोर करना चाहते हैं, वे रावण की प्रवृत्ति से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि रावण भी समाज की एकता को खंडित करता था। भारत को कमजोर करने की कोशिश करने वाली ऐसी प्रवृत्तियों के विरुद्ध लोगों को एकजुट रहना चाहिए।


