बिहार

परिसीमन से जुड़े विधेयक पर सियासत तेज, राजद सांसद मनोज झा ने केंद्र सरकार पर बोला हमला

डेस्क:केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संशोधन विधेयकों पर सकारात्मक चर्चा और सहयोग की मांग करने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष ने इस पत्र को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किरेन रिजिजू का पत्र पढ़ा है और उससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष का पत्र भी पढ़ा है। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दुश्मन नहीं होते। उन्होंने किरेन रिजिजू से अपील करते हुए कहा कि सरकार को अपना दायरा बढ़ाना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह बेहतर नहीं होता कि परिसीमन को लेकर लोगों के मन में जो आशंकाएं हैं, उन्हें दूर करने के लिए संसद सत्र शुरू होने से पहले एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती, जिसमें सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। झा ने कहा कि अक्सर ऐसे महत्वपूर्ण मौकों पर प्रधानमंत्री गायब हो जाते हैं। उन्हें सदन में मौजूद रहना चाहिए ताकि सभी दलों के बीच खुला संवाद हो सके। वहीं, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर भी मनोज झा ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में सत्ता परिवर्तन संभव नहीं है और नेपाल और बांग्लादेश जैसी घटनाएं स्वार्थ के लिए होती हैं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज झा ने कहा कि मोहन भागवत को बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है और यह गांधी का देश है। उन्होंने कहा कि शायद संघ इस बात को नहीं मानता, क्योंकि उनकी विचारधारा गांधी के खिलाफ रही है। उन्होंने कहा कि फ्रांस और अल्बानिया के पास गांधी नहीं हैं लेकिन भारत के पास गांधी हैं।
झा ने कहा कि महात्मा गांधी का असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन आज भी हमारे लिए आदर्श हैं। हम इन्हीं आदर्शों के आधार पर सत्ता की निरंकुशता को चुनौती देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत अपने डर की तुलना अराजकता से न करें।
उन्होंने देशवासियों और बिहार के लोगों को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कोलकाता और ग्वालियर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं पर दुख जताया और कहा कि ईश्वर पीड़ित परिवारों को संबल दे। उन्होंने कहा कि विजयदशमी का सबसे बड़ा संदेश यही है कि अंधेरा कभी स्थायी नहीं होता, उजाला जरूर आता है।

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