बिहार

जाति-धर्म से ऊपर उठकर शिक्षा-रोजगार के लिए करें मतदान, बेलगाम व्यवस्था पर लगाम लगाने का समय: प्रशांत किशोर

डेस्क:जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर शनिवार को नालंदा में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से संवाद करने पहुंचे, जहां उन्होंने लोगों से जाति, धर्म और राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से ऊपर उठकर शिक्षा, रोजगार और शिक्षकों के सम्मान के मुद्दे पर मतदान करने की अपील की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह चुनाव सरकार बनाने या किसी सरकार को हटाने का नहीं, बल्कि मौजूदा व्यवस्था को जवाबदेह बनाने का अवसर है। प्रशांत किशोर ने कहा कि मतदाताओं को तय करना है कि वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बेलगाम व्यवस्था में रहना चाहते हैं या उस पर अंकुश और लगाम लगाना चाहते हैं। उन्होंने नालंदा से पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज समर्थित उम्मीदवारों दिव्या ज्योति और अनूप को भारी मतों से जिताने की अपील की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर दिए गए अपने एक बयान पर सफाई देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी सातवीं कक्षा में फेल हैं और सात लोगों की हत्या के आरोप में जेल जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि विधायक, सांसद या मंत्री ही यह तय करने लगे कि कौन अपराधी है और उसे गोली मार दी जाए तो इसी तर्क से सम्राट चौधरी को भी अपराधी कहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी का कहना है कि अदालत ने उन्हें बरी किया है। ऐसे में जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उन्हें भी न्याय के लिए अदालत जाने का अधिकार मिलना चाहिए। प्रशांत किशोर ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्होंने कुछ गलत कहा है तो सम्राट चौधरी की सरकार उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कर सकती है।
उन्होंने कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और डरने वाले नहीं हैं। जन सुराज के एक वायरल वीडियो को लेकर उठ रहे सवालों पर भी प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल का जिक्र करते हुए सवाल किया कि भाजपा का मीडिया प्रभारी जन सुराज की तारीफ क्यों करेगा?
उन्होंने कहा कि केंद्र और बिहार में भाजपा की सरकार है । ऐसे में जन सुराज पर पैसे बांटने के आरोपों की सच्चाई लोगों को खुद जांचनी चाहिए। जदयू के विधायक अनंत सिंह के एक बयान पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है और सत्ता में बैठे लोग इसकी जांच कराकर कार्रवाई कर सकते हैं।
बता दें कि बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव हो रहे हैं और जन सुराज सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *