डेस्क: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल (रानद) अपनी राजनीतिक सक्रियता को नई गति देने जा रहा है। आगामी 18 अक्टूबर, रविवार को मेरठ के ग्राम कौल, ब्लॉक खरखोदा, विधानसभा किठौर में पार्टी का जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होगा। सम्मेलन में पार्टी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकान्त त्यागी मुख्य अतिथि के रूप में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे, जबकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनु त्यागी हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगी। कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में अपार ऊर्जा के साथ उत्साह का माहौल है।
पार्टी का उद्देश्य सभी वर्गों को उचित भागीदारी दिलाना
राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल त्यागी-भूमिहार ब्राह्मण समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी और उचित प्रतिनिधित्व की लड़ाई को प्रमुखता से निरंतर उठा रहा है। पार्टी का उद्देश्य समाज की आवाज को राजनीतिक मंच पर मजबूती से उठाना और समाज के सभी वर्गों को उचित भागीदारी दिलाना है। राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल की मूल विचारधारा है “राष्ट्र धर्म सर्वप्रथम, गरीब, कमजोर, मजदूर, कामगार एवं असहाय व्यक्ति की उन्नति देश के विकास में सहायक तथा जिसकी जितनी भागीदारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी।” पार्टी राष्ट्रहित, सामाजिक न्याय और सर्वसमाज के सम्मान के साथ प्रत्येक वर्ग को उसकी भागीदारी के अनुरूप अधिकार एवं प्रतिनिधित्व दिलाने के संकल्प के साथ कार्यरत है और इसी को लेकर पार्टी लगातार संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान चला रही है।
2 लाख 12 हजार लोग राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल की सदस्यता ग्रहण कर चुके
रानद सुप्रीमो श्रीकान्त त्यागी की लोकप्रियता और पार्टी की बढ़ती सक्रियता से रानद को अपार जनसमर्थन मिल रहा है। पार्टी के अनुसार, किठौर विधानसभा क्षेत्र में अब तक 2 लाख 12 हजार लोग राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं। यह सदस्यता अभियान क्षेत्र में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्रीकान्त त्यागी आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए संगठन को मजबूत करने, जनसंपर्क बढ़ाने और पार्टी की रणनीति को गति देने पर जोर दे सकते हैं। राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल ने आगामी चुनाव में पूरी मजबूती के साथ उतरकर विजय प्राप्त करने का संकल्प व्यक्त किया है। मेरठ का यह सम्मेलन पार्टी के लिए अपनी ताकत प्रदर्शित करने, कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी के मुद्दे को धार देने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। अब सभी की निगाहें 18 अक्टूबर को होने वाले इस सम्मेलन पर टिकी हैं।


