डेस्क: सड़क को खूबसूरत बनाने की कोशिश कहीं वाहन चालकों के लिए खतरा तो नहीं बन रही? पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में चिंगरीघाटा फ्लाईओवर पर बारिश के बाद मोटरसाइकिलों के फिसलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि फ्लाईओवर पर रेनबो रंग से रंगे हिस्से पर तीन मोटरसाइकिलें फिसल गईं। इस घटना के बाद सड़क पर की गई पेंटिंग की गुणवत्ता और वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बारिश के बाद सड़क पर मोटरसाइकिलों के फिसलने की घटना दिखाई दे रही है। इस घटना ने एक बार फिर गीली सड़कों पर दोपहिया वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, इन घटनाओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि मोटरसाइकिलों के फिसलने की मुख्य वजह सड़क पर की गई पेंटिंग ही थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।
सड़क की पेंटिंग पर क्यों उठ रहे सवाल?
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों और इंजीनियरों के अनुसार, सड़क पर इस्तेमाल की जाने वाली पेंटिंग और कोटिंग की सामग्री का सही चुनाव बेहद जरूरी है। यदि सड़क पर ऐसी सामग्री का इस्तेमाल किया जाए, जिससे सतह चिकनी हो जाए, तो खासकर बारिश के दौरान टायरों की पकड़ कमजोर पड़ सकती है।
पश्चिम बंगाल के ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्ट प्लानिंग निदेशालय से जुड़े एक वरिष्ठ इंजीनियर ने भी पेंटिंग की सामग्री को लेकर चिंता जताई है। उनके मुताबिक, पहली नजर में यह पेंटिंग सड़क पर इस्तेमाल होने वाले फिसलन-रोधी यानी एंटी-स्किड मटेरियल जैसी नहीं दिखती। यह सामान्य ऑयल पेंट या इमल्शन पेंट जैसी लगती है। हालांकि, केवल देखने के आधार पर सामग्री की सही पहचान नहीं की जा सकती। इसके लिए तकनीकी जांच और सड़क की सतह पर घर्षण के स्तर का परीक्षण जरूरी है।
मंत्री ने जांच के लिए भेजी टीमें
मामले को गंभीरता से लेते हुए बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि चिंगरीघाटा फ्लाईओवर का निरीक्षण करने के लिए KMDA, पुलिस और सिविक इंजीनियरों की टीमें भेजी गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्लाईओवर पर की गई यह पेंटिंग त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए की गई थी और इसे स्थायी व्यवस्था के तौर पर नहीं बनाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बारिश में सड़क पर क्यों बढ़ जाता है फिसलने का खतरा?
इसके पीछे भौतिक विज्ञान का घर्षण का नियम काम करता है। किसी वाहन के टायर और सड़क के बीच बनने वाला घर्षण उसकी पकड़ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी पकड़ की मदद से चालक वाहन को नियंत्रित करता है, ब्रेक लगाता है और मोड़ पर दिशा बदलता है। डामर की सड़क पर छोटे-छोटे उभार और खुरदुरापन होता है, जो टायरों को पकड़ बनाने में मदद करता है। यदि इस सतह पर चिकनी पेंटिंग या ऐसी कोटिंग कर दी जाए, जो सड़क के खुरदुरेपन को ढक दे, तो टायरों की पकड़ प्रभावित हो सकती है। बारिश के दौरान पानी की मौजूदगी से यह जोखिम और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में अचानक ब्रेक लगाने या मोड़ काटने पर दोपहिया वाहन के फिसलने की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि, वास्तविक खतरा इस्तेमाल की गई सामग्री, सड़क की बनावट, पानी की मात्रा और वाहन की गति जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।
सुंदरता के साथ सुरक्षा भी जरूरी
चिंगरीघाटा फ्लाईओवर की घटना ने सड़क के सौंदर्यीकरण और सड़क सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत को सामने ला दिया है। त्योहारों के दौरान सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को आकर्षक बनाना अच्छी पहल हो सकती है, लेकिन इसके लिए ऐसी सामग्री का इस्तेमाल जरूरी है, जो गीली परिस्थितियों में भी पर्याप्त पकड़ बनाए रखे। अब सबकी नजरें फ्लाईओवर के निरीक्षण और तकनीकी जांच पर हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क पर की गई पेंटिंग का फिसलन से कितना संबंध है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।


