डेस्क: भारत में मोटरस्पोर्ट्स के प्रशंसकों के लिए एक बार फिर बड़ी उम्मीद जगी है। करीब 15 साल के लंबे अंतराल के बाद देश में फॉर्मूला-1 (F1) रेस की वापसी की संभावनाएं तेज हो गई हैं। ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर दोबारा F1 रेस आयोजित करने को लेकर चर्चा चल रही है। अगर यह योजना सफल होती है, तो भारतीय फैंस को एक बार फिर दुनिया के सबसे तेज रेसिंग ड्राइवरों को देश की धरती पर देखने का मौका मिल सकता है।
2028 में वापसी का लक्ष्य, सरकार ने तेज की तैयारी
रिपोर्टस के मुताबिक, भारत में F1 की वापसी के लिए सरकार और संबंधित पक्षों के स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पहले 2027 में वापसी की संभावना पर विचार किया गया था, लेकिन तैयारियों के लिए अधिक समय देने के उद्देश्य से अब 2028 का लक्ष्य सामने आया है। हालांकि, रेस की वापसी की अंतिम तारीख और आयोजन की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
अदाणी ग्रुप और F1 मैनेजमेंट के बीच बातचीत
रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप और फॉर्मूला-1 मैनेजमेंट के बीच हालिया बातचीत का भी जिक्र है। ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को दोबारा रेस के लिए तैयार करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रमोटर, सरकारी सहयोग, वित्तीय व्यवस्था और सर्किट के संचालन जैसे अहम पहलुओं पर काम करना होगा।
2011 से 2013 तक भारत में हुई थी F1 रेस
भारत ने पहली बार 2011 में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर फॉर्मूला-1 रेस की मेजबानी की थी। इसके बाद 2012 और 2013 में भी यहां ग्रां प्री का आयोजन हुआ। इन तीनों रेस में रेड बुल के दिग्गज ड्राइवर सेबेस्टियन वेटल ने जीत दर्ज की थी। 2013 के बाद टैक्स विवाद, नियामकीय अड़चनों और वित्तीय समस्याओं के कारण भारत से F1 रेस का आयोजन बंद हो गया।
भारतीय फैंस को कब मिलेगा रफ्तार का रोमांच?
अगर सरकार, संभावित प्रमोटर और F1 प्रबंधन के बीच सभी जरूरी मुद्दों पर सहमति बन जाती है, तो बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेसिंग देखने का रास्ता खुल सकता है। इससे भारत में मोटरस्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलने के साथ पर्यटन और निवेश को भी फायदा हो सकता है। फिलहाल, फैंस को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।


