राष्ट्रीय

तेजस्वी यादव बोले-‘अंग्रेजों को देखकर पैंट गीली हो जाती थी, अब RSS के लोग गुंडागर्दी कर रहे हैं’

डेस्क: दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अंग्रेजों के सामने जिनकी पैंट गीली हो जाती थी, वे आज पुलिस के सहयोग से सरेआम बहन-बेटियों को पीट रहे हैं। तेजस्वी ने इस मामले पर संघ प्रमुख मोहन भागवत से भी सवाल किया है।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ज्ञानू गुप्ता को बचाने के लिए पूरे देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी गई है और इसके लिए नया कानून तक बना दिया गया है। उन्होंने सरकार पर बेईमानी, सीनाजोरी और लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऐसा करने के लिए किन अदृश्य शक्तियों का समर्थन हासिल है।
‘संघी हमेशा महिला विरोधी रहे हैं’
तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा कि पूरा देश आरएसएस की कथित गुंडागर्दी देख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के सहयोग से प्रदर्शनकारियों, खासकर महिलाओं के साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि संघ के लोग हमेशा महिला विरोधी रहे हैं और इस घटना पर मोहन भागवत को जवाब देना चाहिए।
राजद नेता ने अपने पोस्ट में कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए वे हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

जेपी जयंती पर भी केंद्र सरकार को घेरा
इससे पहले लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक, संवैधानिक और शांतिपूर्ण आंदोलनों को कुचलने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि जेपी जयंती से एक दिन पहले अपने अधिकारों की आवाज उठाने के लिए दिल्ली आ रहे लोगों को सरकारी मशीनरी और पुलिस बल के सहारे रोका गया।
तेजस्वी ने दावा किया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सरकार पर लाठी, गोली और गाली के सहारे आंदोलन दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है।
‘न गोली से डरते हैं, न गाली से’
तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर वे संकल्प लेते हैं कि अहंकारी, तानाशाही और अलोकतांत्रिक सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकने तक चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि न तो गोली और न ही गाली उन्हें संघर्ष से पीछे हटा सकती है। सरकारी मशीनरी और कथित राजनीतिक प्रपंच भी उनके आंदोलन को रोक नहीं सकते।
दिनकर की कविता का किया उल्लेख
अपने वक्तव्य में तेजस्वी यादव ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की उन पंक्तियों का भी उल्लेख किया, जो उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के सम्मान में लिखी थीं।
उन्होंने कहा, “लौटे तुम रूपक बन स्वदेश की, आग भरी कुर्बानी का, अब ‘जयप्रकाश’ है नाम देश की, आतुर, हठी जवानी का।”
तेजस्वी ने दावा किया कि देश का बच्चा-बच्चा जयप्रकाश नारायण की तरह अन्याय के खिलाफ खड़ा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कथित असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक  राजनीति तथा वोट चोरी की नींव पर खड़ी सियासत को खत्म करने के लिए लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने अपने वक्तव्य का समापन ‘जय हिंद’ के उद्घोष के साथ किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *