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देश की दिग्गज IT कंपनियों को अमेरिका ने दिया झटका, TCS ने कर्मचारियों और ग्राहकों को लेकर कही बड़ी बात

डेस्क: अमेरिका में काम करने वाली भारतीय IT कंपनियों के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है। अमेरिकी श्रम विभाग ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, विप्रो और HCLटेक समेत आठ बड़ी टेक कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम (PERM) से सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद इन कंपनियों के लिए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड से जुड़ी नई अर्जियां दाखिल करने और लंबित आवेदनों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर रोक लग गई है। हालांकि, देश की सबसे बड़ी IT सेवा कंपनियों में शामिल TCS ने कहा है कि इस फैसले से उसकी कर्मचारियों की रणनीति और ग्राहकों के साथ कामकाज पर असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।

अमेरिकी श्रम विभाग ने गुरुवार को आठ प्रमुख टेक कंपनियों को PERM कार्यक्रम से सस्पेंड किया। इनमें भारत की TCS, इंफोसिस, विप्रो, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब के अलावा एचसीएलटेक और कॉग्निजेंट शामिल हैं। PERM प्रोग्राम अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इसके तहत कंपनियां कुछ शर्तें पूरी करने के बाद विदेशी कर्मचारियों के लिए स्थायी रोजगार प्रमाणन की अर्जी दाखिल करती हैं। सस्पेंशन के कारण संबंधित कंपनियां नई PERM अर्जियां दाखिल नहीं कर सकतीं और उनके लंबित आवेदनों की प्रक्रिया भी प्रभावित होगी।

TCS ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा कि उसे इस कार्रवाई से अपनी वर्कफोर्स रणनीति या ग्राहकों के साथ कामकाज पर असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अमेरिकी श्रम विभाग के किसी भी निर्देश का पालन करेगी। कंपनी के मुताबिक, अमेरिका में उसकी भर्ती रणनीति स्थानीय प्रतिभाओं को नियुक्त करने पर आधारित है। इसके लिए वह कैंपस भर्ती मॉडल का भी इस्तेमाल करती है। TCS ने बताया कि अमेरिका में उसके 31 कार्यालयों और डिलीवरी सेंटरों में बड़ी संख्या में स्थानीय कर्मचारी काम करते हैं।
TCS ने अमेरिका में अगले पांच वर्षों के दौरान 15,000 कर्मचारियों की भर्ती करने की अपनी योजना पर भी कायम रहने की बात कही है। कंपनी का लक्ष्य स्थानीय कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना है। TCS ने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में उसके PERM आवेदनों की संख्या एकल अंक में थी। यानी इस अवधि में ऐसे आवेदनों की संख्या 10 से कम रही।

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