डेस्क: महंगे होते सोने के बीच इसे गिरवी रखकर कर्ज लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही टीवी, फ्रिज और एसी जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स खरीदने के लिए भी लोगों की कर्ज पर निर्भरता बढ़ी है। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के गोल्ड लोन में सालाना आधार पर 69.1% की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के लिए दिए गए कर्ज में 56.4% का इजाफा हुआ।
अगस्त में एनबीएफसी का गोल्ड लोन 69% बढ़कर ₹3.65 लाख करोड़ हो गया। एक साल पहले इसकी वृद्धि 46.8% थी यानी सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने की रफ्तार एक साल में डेढ़ गुना हो गई।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लोन भी तेजी से बढ़ा
टीवी, फ्रिज, एसी और अन्य घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने के लिए लिया गया कर्ज अगस्त में 56.4% बढ़कर 77,784 करोड़ रुपए हो गया। पिछले साल इसी अवधि में इस कर्ज में 19.6% की वृद्धि हुई थी। इससे संकेत मिलता है कि उपभोक्ता महंगे घरेलू सामान की खरीद के लिए तेजी से लोन का सहारा ले रहे हैं।
वाहन और होम लोन में भी बढ़ोतरी
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में ऑटोमोबाइल लोन में 15.4%, जबकि हाउसिंग लोन में 12.1% की सालाना वृद्धि हुई। कृषि कर्ज भी 17.4% बढ़ा। इंडस्ट्री लोन में वृद्धि दर 8.4% रही।
रिटेल कर्ज में NBFC की मजबूत पकड़
अगस्त में एनबीएफसी का कुल कर्ज 15.8% बढ़कर ₹60.64 लाख करोड़ हो गया। इसमें रिटेल कर्ज की वृद्धि 22% रही और यह करीब ₹26.48 लाख करोड़ तक पहुंच गया। रिटेल सेगमेंट में एनबीएफसी की कर्ज वृद्धि बैंकों की तुलना में अधिक रही। अगस्त में बैंकों का रिटेल कर्ज 16.9% बढ़ा, जबकि एनबीएफसी के रिटेल कर्ज में 22% की वृद्धि दर्ज की गई।


