डेस्क: कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताते हुए सरकार की प्रतिक्रिया को शर्मनाक बताया है। मंगलवार को नई दिल्ली (New Delhi) में विपक्षी इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) के नेताओं ने चुनाव आयोग (Election Commission) के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। बाद में रात करीब 10 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया। थरूर इस प्रदर्शन में मौजूद नहीं थे, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राहुल गांधी के समर्थन में अपनी बात रखी।
थरूर ने कहा कि राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की तस्वीरें देखकर वह बेहद परेशान हुए। उन्होंने प्रदर्शन को उन मतदाताओं के अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि ऐसे समय में विरोध करना उन नागरिकों के साथ खड़े होने जैसा है, जिनके संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का विपक्ष आरोप लगा रहा है। उन्होंने सरकार की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाया। थरूर ने यह बात मंगलवार को की गई अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कही।
प्रदर्शन में शामिल नहीं होने को लेकर भी थरूर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि वह जर्मनी के बर्लिन में एक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मौजूद हैं। इसके लिए उन्होंने चार महीने पहले ही प्रतिबद्धता जताई थी। इसी वजह से वह दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि वह दूर रहकर अपना समर्थन दे सकते हैं, लेकिन उनका समर्थन प्रदर्शन कर रहे नेताओं के साथ है।
इससे पहले मंगलवार को इंडिया गठबंधन के सांसद संसद भवन परिसर से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने निकले थे। प्रदर्शनकारियों की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आयोग से बातचीत की थी। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। यह धरना कई घंटे तक चला।
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना था कि वे चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने कहा कि शाम चार बजे तक किसी राजनीतिक दल की ओर से आयोग से मिलने के लिए औपचारिक अनुरोध नहीं मिला था। बाद में राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मिलने का अनुरोध पुलिस के माध्यम से प्राप्त होने की बात आयोग ने कही।
करीब आठ घंटे से ज्यादा चले धरने के बाद रात करीब आठ बजे पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 10 सांसद भी शामिल थे। हिरासत में लिए गए नेताओं को किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइंस ले जाया गया। इसके बाद राहुल गांधी और अन्य नेताओं को रात करीब 10 बजे रिहा कर दिया गया।
राहुल गांधी की हिरासत के बाद थरूर की प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने प्रदर्शन में अपनी गैरमौजूदगी का कारण भी स्पष्ट किया और कहा कि बर्लिन सम्मेलन के लिए पहले से किए गए वादे के कारण वह दिल्ली नहीं पहुंच सके। इस पूरे घटनाक्रम में एक ओर विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध कर रहा है, वहीं दूसरी ओर आयोग ने बैठक और प्रदर्शन से जुड़े अपने पक्ष को अलग-अलग मौकों पर स्पष्ट किया है।


