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मेसी की अर्जेंटीना से विदाई, 21 साल के सफर में 126 गोल और चार बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब

डेस्क: लियोनल मेसी (Lionel Messi) ने अर्जेंटीना (Argentina) की नीली-सफेद जर्सी में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय (International) मुकाबला  खेल लिया। ब्यूनस आयर्स (Buenos Aires) के एस्टाडियो मोनुमेंटल में बेनिन के खिलाफ खेले गए दोस्ताना (Friendly) मुकाबले में अर्जेंटीना ने 3-0 से जीत दर्ज की। अपने विदाई मैच में मेसी ने एक गोल किया और टीम के तीनों गोल में अहम भूमिका निभाई। इस मुकाबले के साथ अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के लिए उनका 21 साल से ज्यादा लंबा सफर समाप्त हो गया।

मेसी ने 2005 में अर्जेंटीना की सीनियर टीम के लिए पदार्पण किया था। इससे पहले वह अंडर-20 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी तथा शीर्ष स्कोरर बने थे। 2008 बीजिंग ओलंपिक में उन्होंने अर्जेंटीना के साथ स्वर्ण पदक भी जीता। हालांकि सीनियर टीम के शुरुआती वर्षों में उन्हें कई मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। 2014 विश्व कप फाइनल में जर्मनी से हार और 2015 तथा 2016 कोपा अमेरिका फाइनल में चिली के खिलाफ हार के बाद उन पर सवाल उठे। 2016 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संन्यास का एलान भी किया था, लेकिन बाद में टीम में वापसी की।
वापसी के बाद मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर ने नया मोड़ लिया। 2021 में अर्जेंटीना ने ब्राजील को हराकर कोपा अमेरिका का खिताब जीता और मेसी ने पहला बड़ा सीनियर अंतरराष्ट्रीय खिताब हासिल किया। इसके बाद 2022 में इटली को हराकर फाइनलिसिमा जीती गई। उसी साल कतर में अर्जेंटीना ने फ्रांस को फाइनल में हराकर विश्व कप अपने नाम किया। मेसी ने फाइनल में दो गोल किए और पेनल्टी शूटआउट में भी भूमिका निभाई। उन्हें टूर्नामेंट का गोल्डन बॉल पुरस्कार मिला। 2024 में अर्जेंटीना ने कोलंबिया को हराकर लगातार दूसरी बार कोपा अमेरिका जीता।
2026 विश्व कप भी मेसी के रिकॉर्ड से भरा रहा। अल्जीरिया के खिलाफ मैदान पर उतरते ही वह छह अलग-अलग विश्व कप खेलने वाले पुरुष फुटबॉल के पहले खिलाड़ी बने। उसी मैच में उन्होंने विश्व कप करियर की पहली हैट्रिक लगाई। इसके बाद ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल करके उन्होंने विश्व कप में अपने गोल की संख्या 18 कर ली और मिरोस्लाव क्लोज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। टूर्नामेंट के अंत तक उनके विश्व कप गोल की संख्या 21 पहुंच गई। आठ गोल और चार असिस्ट के साथ उन्होंने अर्जेंटीना को फाइनल तक पहुंचाया, जहां टीम को स्पेन से अतिरिक्त समय में 0-1 से हार मिली।
मेसी के नाम विश्व कप में 23 जीत और 12 असिस्ट का रिकॉर्ड भी दर्ज है। वह तीन विश्व कप फाइनल में शुरुआती एकादश का हिस्सा रहे हैं। 2026 में उन्होंने लगातार नौ विश्व कप मैचों में गोल करने और नॉकआउट चरण में लगातार छह मुकाबलों में गोल करने का रिकॉर्ड बनाया। कतर में वह एक ही विश्व कप के ग्रुप चरण से लेकर फाइनल तक हर चरण में गोल करने वाले खिलाड़ी भी बने थे। उन्होंने पांच अलग-अलग विश्व कप संस्करणों में गोल किए, यह उपलब्धि क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ उनके नाम भी दर्ज है।
अर्जेंटीना के लिए मेसी ने 208 मैचों में 126 गोल किए और 68 असिस्ट दर्ज किए। वह टीम के सबसे ज्यादा मैच खेलने और सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। विश्व कप में उन्होंने दो बार गोल्डन बॉल जीती, जबकि व्यक्तिगत स्तर पर उनके नाम रिकॉर्ड आठ बैलन डी’ओर हैं। क्लब फुटबॉल में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा। बार्सिलोना के लिए 778 मैचों में 672 गोल करने के साथ उन्होंने क्लब को 35 खिताब दिलाए। 2012 में एक कैलेंडर वर्ष में 91 गोल करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। पेरिस सेंट-जर्मेन के बाद 2023 में इंटर मियामी पहुंचे मेसी ने 2026 में क्लब के लिए 100 गोल पूरे किए।

अब अर्जेंटीना के लिए मेसी का अंतरराष्ट्रीय अध्याय समाप्त हो चुका है। चार बड़े खिताब, विश्व कप के रिकॉर्ड और 126 गोल के साथ उनका नाम देश के सबसे सफल फुटबॉलरों में दर्ज हो गया है।

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