डेस्क: सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के डेटा के अनुसार सोमवार को दिल्ली की हवा की क्वालिटी ‘मॉडरेट’ कैटेगरी में रही हालांकि राजधानी के कई हिस्सों में प्रदूषण का लेवल ‘खराब’ कैटेगरी में दर्ज किया गया। CPCB के डेटा के मुताबिक दिल्ली में हवा की कुल क्वालिटी ‘मॉडरेट’ रही, लेकिन कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण का लेवल बढ़ा हुआ पाया गया। मंदिर मार्ग पर AQI 146, आया नगर 140, पंजाबी बाग 212, CRRI मथुरा रोड 225, शादीपुर 175, IGI एयरपोर्ट (T3) 187, अलीपुर 238, JNU 135, आर.के. पुरम 193, मुंडका 257, वजीरपुर 221, विवेक विहार 230, ओखला फेज-2 203, कैंटोनमेंट एरिया 87, नेहरू नगर 144 और आनंद विहार 179 दर्ज किया गया।
हवा की क्वालिटी में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब दिल्ली में प्रदूषण का लेवल तेजी से बढ़ने लगता है। हाल के सालों में राजधानी में अक्टूबर की शुरुआत सबसे ज्यादा प्रदूषण के साथ हुई है और पिछले कुछ दिनों में हालात और खराब हुए हैं। रविवार को दिल्ली में इस मौसम की सबसे खराब हवा की क्वालिटी दर्ज की गई जिसमें शहर का औसत AQI 187 तक पहुंच गया, जो इसे ‘मॉडरेट’ कैटेगरी के ऊपरी स्तर पर रखता है।
प्रदूषण में यह बढ़ोतरी कुछ समय तक हवा के अपेक्षाकृत साफ रहने के बाद हुई है, जब बारिश और तेज हवाओं ने प्रदूषण फैलाने वाले कणों को हटाने में मदद की थी। हालांकि हवा की गति कम होने, बारिश न होने और स्थानीय स्तर पर प्रदूषण फैलाने वाले उत्सर्जन के कारण हवा की क्वालिटी फिर से खराब हो गई है। हालिया गिरावट के दौरान PM10 (जिसमें मुख्य रूप से सड़क की धूल, निर्माण कार्य और बायोमास जलाने जैसे स्रोतों से निकलने वाले मोटे और सांस के साथ अंदर जाने वाले कण शामिल हैं) प्रमुख प्रदूषकों में से एक रहा है।
दिल्ली में काम कर रहे 43 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 14 ने शाम 4 बजे के औसत में AQI लेवल ‘खराब’ कैटेगरी में दर्ज किया। बुलेटिन के अनुसार मुंडका में सबसे ज्यादा AQI 273 दर्ज किया गया इसके बाद CRRI मथुरा रोड और नरेला में 257 AQI रहा जबकि जहांगीरपुरी में AQI 237 दर्ज किया गया। दिल्ली कैंटोनमेंट इलाके में सबसे कम AQI 97 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है।
CPCB के वर्गीकरण के तहत 0 से 50 के बीच AQI को ‘अच्छा’, 51-100 को ‘संतोषजनक’, 101-200 को ‘मध्यम’, 201-300 को ‘खराब’, 301-400 को ‘बहुत खराब’ और 401-500 को ‘गंभीर’ माना जाता है। CPCB के आंकड़ों से यह भी पता चला है कि पिछले छह वर्षों में दिल्ली में अक्टूबर की शुरुआत सबसे ज्यादा प्रदूषित रही है। अक्टूबर के पहले चार दिनों के दौरान औसत AQI 2026 में 174.5 था जबकि 2025 में 119.75, 2024 में 167.25, 2023 में 155, 2022 में 161.25, 2021 में 107.25 और 2020 में 176.25 था।
दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता आमतौर पर सितंबर के मध्य से खराब होने लगती है। सर्दियों के प्रदूषण में पराली जलाने के साथ-साथ वाहनों, उद्योगों, बिजली संयंत्रों और बायोमास जलाने से होने वाले उत्सर्जन का बड़ा योगदान होता है। त्योहारों के मौसम में खासकर दिवाली के आसपास, प्रतिबंधों के बावजूद पटाखे जलाने से स्थिति और खराब हो सकती है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के विशेषज्ञ मूल्यांकन में PM2.5 को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले मुख्य प्रदूषक के रूप में पहचाना गया है, जिसमें सर्दियों के दौरान विभिन्न दहन-संबंधी उत्सर्जन से बनने वाले सेकेंडरी पार्टिकुलेट्स का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।


