डेस्क: बिहार के खनन एवं भूतत्व तथा कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने सोमवार को राज्य में अवैध खनन की जांच करने और रेत, पत्थर व अन्य खनिजों की तस्करी को रोकने के लिए एक समर्पित माइनिंग पुलिस फोर्स (खनन पुलिस बल) बनाने की घोषणा की।
चंद्रवंशी ने यहां पत्रकारों को बताया कि माइनिंग पुलिस के गठन से अवैध खनन और खनन नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में छापेमारी, जांच और गिरफ्तारी में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि अभी पुलिसकर्मियों पर कई जिम्मेदारियां होती हैं, जिसके कारण खनन एवं भूतत्व विभाग की कार्रवाई के लिए फोर्स उपलब्ध कराने में देरी होती है। मंत्री ने कहा कि एक समर्पित माइनिंग पुलिस फोर्स की भर्ती और गठन से यह समस्या दूर हो जाएगी।
राज्य सरकार खनन क्षेत्रों में निगरानी और कानून लागू करने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल करेगी। चंद्रवंशी ने कहा कि खनन घाटों पर वे-ब्रिज (वजन करने वाली मशीनें) लगाए जाएंगे जबकि खनन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरे और ड्रोन तैनात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन उपायों से खनन क्षेत्रों की गतिविधियों पर बेहतर नजर रखने में मदद मिलेगी और खनन से होने वाले राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार राज्य में पत्थर उद्योग को फिर से शुरू करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि रोहतास, औरंगाबाद, नवादा और जमुई सहित कई जिलों में पत्थर खनन का काम फिर से शुरू किया जाएगा। इस कदम से निर्माण कार्यों में आसानी होगी और राज्य सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। कला एवं संस्कृति मंत्री के तौर पर चंद्रवंशी ने यह भी बताया कि बिहार में कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर जिले में ‘अटल कला भवन’ बनाने की योजना पर काम चल रहा है। हर भवन की अनुमानित लागत 19 करोड़ रुपए होगी।


