डेस्क: एशियन गेम्स 2026 में हरियाणा की बेटियां लगातार देश का नाम रोशन कर रही हैं। इसी कड़ी में भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में भारत की तिकड़ी ने मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत में जींद की बेटी कीर्ति शर्मा के साथ अंकिता भकत और कुमकुम अनिल मोहोद ने अहम भूमिका निभाई।
भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को यहां शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। अनुभवी अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ की भारतीय तिकड़ी ने चुनौतीपूर्ण तेज हवाओं के बीच धैर्य बनाए रखते हुए मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को पछाड़कर भारतीय तीरंदाजी में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। भारतीय टीम ने इसके साथ ही मजबूत दक्षिण कोरियाई तिकड़ी पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाई थी।
धनुष खरीदने के लिए पिता ने लिया था 60 हजार रुपये का कर्ज
जानकारी हो कि कीर्ति शर्मा की इस कामयाबी के पीछे उनके परिवार का संघर्ष और वर्षों की कड़ी मेहनत छिपी है। एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली कीर्ति के पिता के पास महज तीन एकड़ जमीन है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कीर्ति को तीरंदाजी के लिए धनुष खरीदकर देने के लिए उनके पिता ने 60 हजार रुपये का कर्ज तक लिया था।
परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद कीर्ति ने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। आज उनकी मेहनत रंग लाई है और उन्होंने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जींद जिले को गौरवान्वित किया है। कीर्ति शर्मा की यह उपलब्धि उन तमाम खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। एक किसान की बेटी का एशियन गेम्स में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से मुश्किल से मुश्किल लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। जींद की बेटी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है। कीर्ति शर्मा ने अपनी सफलता से हरियाणा की खेल प्रतिभा को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई।


