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30 सितंबर की रात बड़ा फैसला: क्या आज रात बढ़ेगी PPF, NSC और SCSS पर ब्याज दरें?

डेस्क: देश के करोड़ों मिडिल क्लास परिवारों और बचतकर्ताओं की नजरें आज रात वित्त मंत्रालय के आने वाले फैसले पर टिकी हैं। छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरें करोड़ों भारतीयों के लिए बहुत अहम हैं। दरअसल, 30 सितंबर को दूसरी तिमाही खत्म हो रही है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय हर तिमाही की शुरुआत में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव करने का फैसला करता है। आज सरकार अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए PPF, NSC, पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट और SCSS जैसी योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करेगी। सवाल यह है कि बढ़ती महंगाई और सरकारी बॉन्ड यील्ड के बीच, क्या सरकार इन योजनाओं पर ब्याज दरें बढ़ाएगी?

दरें बढ़ने की उम्मीद क्यों? 3 मुख्य कारण

बढ़ती महंगाई :
अगस्त 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82% हो गई, जबकि 10 साल के G-Sec की यील्ड 7% से ऊपर बनी हुई है। RBI गवर्नर पहले ही कह चुके हैं कि खुदरा महंगाई अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में अपने चरम पर होगी। इसलिए, छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के लिए हालात अनुकूल हैं। हालांकि, इसकी कोई गारंटी नहीं है कि 30 सितंबर को ब्याज दरें बढ़ाई ही जाएंगी। सरकार ने पहले भी बाजार के संकेतों के बावजूद लंबे समय तक छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। अगर इस बार दरें बढ़ाई जाती हैं, तो यह दिसंबर 2024 के बाद पहली बढ़ोतरी होगी; पिछली बार दिसंबर 2024 में सुकन्या समृद्धि खाते और 3 साल की टाइम डिपॉजिट योजना पर दरें बढ़ाई गई थीं।

सरकारी बॉन्ड यील्ड :
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें समान अवधि वाले सरकारी बॉन्ड (G-Sec) के प्रतिफल से जुड़ी होती हैं। नियमों के अनुसार, G-Sec की औसत यील्ड पर 25 से 100 बेसिस पॉइंट का अतिरिक्त स्प्रेड दिया जाता है। PPF या पब्लिक प्रोविडेंट फंड की दरें इस फ़ॉर्मूले को दिखाती हैं। 10-साल के G-Sec पर औसत यील्ड 6.870% है। इसमें 25 बेसिस पॉइंट जोड़ने पर दर 7.12% हो जाती है। PPF की ब्याज दर 7.10% है। सरकार क्या फ़ैसला करती है, यह आज रात पता चलेगा।
रेपो रेट में बढ़ोतरी की संभावना:
SBI रिसर्च ने RBI को सुझाव दिया है कि महंगाई पर लगाम लगाने के लिए आगामी अक्टूबर और दिसंबर की बैठकों में रेपो रेट में 25-25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की जाए।
छोटी बचत योजनाओं पर मौजूदा ब्याज दरें
पोस्ट ऑफ़िस सेविंग्स अकाउंट: 4.00%
1-साल की टाइम डिपॉज़िट: 6.9%
2-साल की टाइम डिपॉज़िट: 7.0%
3-साल की टाइम डिपॉज़िट: 7.1%
5-साल की टाइम डिपॉज़िट: 7.5%
5-साल की रिकरिंग डिपॉज़िट: 6.70%
सीनियर सिटिज़न सेविंग्स स्कीम: 8.2%
मंथली इनकम अकाउंट: 7.4%
NSC: 7.7%
PPF: 7.10%
छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें लगातार 9 तिमाही से बदली नहीं हैं। पिछली बार इनमें बदलाव जनवरी-मार्च 2024 तिमाही में हुआ था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में छोटी बचत योजनाओं से होने वाली कमाई में साल-दर-साल लगभग 41% की बढ़ोतरी हुई। इसका मतलब है कि फ़ंड जुटाने के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें बढ़ाने का सरकार पर अभी कोई खास दबाव नहीं है।

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